हे वर्षा ऋतु
यह जमीन सूखी है बंजर है प्यासी है जैसी यह वैसा ही मैं भी अब तो आ जाओ आसमान से बरस जाओ हौले हौले नहीं...
यह जमीन सूखी है बंजर है प्यासी है जैसी यह वैसा ही मैं भी अब तो आ जाओ आसमान से बरस जाओ हौले हौले नहीं...
तेरा इंतजार था और तू आई एक बार जो आई तो आसमान से लेकर जमीन तक तेरी गीली नीली चुनर सफेद मोतियों जड़ी हर तरफ...
यह पानी की बूंदों की बरसात है या मोतियों की लड़ियों की कोई बारात है यह किसी के प्यार की सौगात है या एक बरसते...
तुम धरती की रानी थी अब जल की मछली बन गई बारिश की बौछारों में रिमझिम फुहारों में जल की बेशुमार धाराओं में मोती सी...
मुझे मेरे फैमिली डॉक्टर पर खुद से ज्यादा भरोसा है मुझे कोई भी समस्या होती है फिर चाहे वह हो शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक या...
विद्यालय घर से दूर एक दूसरा घर होना चाहिए वहां के शिक्षक बच्चों को उनके मां बाप के समान प्यार करने वाले उनके अभिभावक से...
छत पर जाना था सीढ़ी चढ़ रहे थे खुश थे अचानक फिसल गये गिर पड़े चोट लगी बिस्तर पर पड़ गये रो रहे और दुखी...
कोई दे तो दे मुझे चांद सी शीतलता फूल सी कोमलता जल सी पारदर्शिता भूमि सी स्थिरता और बुद्ध सी शांतचित्त की धीरता और गंभीरता...
कलियों से नाजुक तेरे हाथ फूलों के उपवन की सुगन्ध और शीतलता सा तेरा साथ तू नहीं तो यह जग एक कांटों का जंगल तू...
यह इतनी सुंदर जगह कौन सी है जहां तुम मुझे ले आये हो यहां आसमान है आसमानी रंग का सफेद बादलों से पटा हुआ एक...
ओस की बूंदें आसमान से गिरती फूलों पर पड़ती उनका जैसे हो आलिंगन करती चांदनी रात में देखो तो कैसी मोतियों सी चमकती झिलमिलाती यह...
कसम जब उठाई है इस युद्ध को जीतने की तो आखिरी सांस तक तो लड़ना होगा इस युद्ध के दौरान न जाने कितने अपनों को...