हे कबीरा यह जग सूना तेरे बिना
हे कबीरा यह जग सूना तेरे बिना मेरे मन की वीणा रोये तेरे बिना तुम न भी हो पाओ कहीं इस धरती पर पुनः अवतरित...
हे कबीरा यह जग सूना तेरे बिना मेरे मन की वीणा रोये तेरे बिना तुम न भी हो पाओ कहीं इस धरती पर पुनः अवतरित...
मीनू ने अपने भाई मनु से मंदिर के समीप बने मानसरोवर से मझधार में फंसी हुई किसी मछली को छुड़ाकर लाने को कहा मनु मन...
हर व्यक्ति में दूसरों के प्रति दया भाव नहीं होता लेकिन कहीं यह गुण आप में विद्यमान है तो एक बात गांठ बांध ले दूसरों...
कुछ लोगों के लिए खुशी क्या है इस दुनिया को पा लेना और अपने मां-बाप को पूरी तौर पर भुला देना मेरे लिए खुशी क्या...
यह बात तो पूर्णतया सही है कि रात्रि के तीसरे प्रहर जब आंखों में नींद भरने लगती है तो किताब में लिखे शब्द धुंधले से...
निष्प्राण है यह जगत प्रभु के प्रेम बिना।
कहीं जो जाना हो तय करनी हो जो कोई मंजिल तो सड़क से गुजर कर तो वहां तक जाना पड़ता है सबसे पहले तो दिल...
आंखें होते हुए भी देखना नहीं चाह रहे कान होते हुए भी सुनना नहीं चाह रहे नाक होते हुए भी सूंघना नहीं चाह रहे मुंह...
सप्ताह के पहले दिन यानी मंडे अर्थात इसकी शुरुआत से ही संडे या किसी भी अवकाश का इंतजार रहता है उम्र बढ़ने से शरीर की...
इस नवरात्रि मां दुर्गा से यही प्रार्थना है कि जरूरत पड़ने पर दुष्टों का आतंक मिटाने के लिए हर स्त्री को बल प्रदान करें उसे...
भगवान साथ दे तो इस जीवन में सब संभव है।
मैं अपने दिल के दरवाजे जो सदियों से बंद थे तुम्हारे प्रवेश को बाधित करने के लिए वह खोलती हूं पर अब शायद बहुत देर...