हे स्त्री देवी स्वरूप
हे स्त्री देवी स्वरूप! तू शक्ति का एक भंडार है, गुणों की खान है, प्रेम का एक जीता जागता संसार है। तुझसे एक विनती है...
हे स्त्री देवी स्वरूप! तू शक्ति का एक भंडार है, गुणों की खान है, प्रेम का एक जीता जागता संसार है। तुझसे एक विनती है...
हमारी फुलवारी की एक महकती कली हमारी बिटिया हमारी डगर, हमारी मंजिल, हमारा सपना, हमारी जिंदगी हमारी बिटिया उम्मीद की यह डोर, खुशियों की यह...
कैसे रहूं मैं कांटो के बीच जो हमेशा रही फूलों के बीच काश! मैं कांटो के बीच पली होती तो फूलों संग कांटों के बीच...
निर्जीव को भी मैं सजीव मानूं तो ये मेरा मन।
सिर से पानी पार होगा अपने जन्मदाताओं का ही जब नरसंहार सा अपमान होगा कुछ अप्रिय, असामान्य, विघटनकारी अप्रत्याशित रूप से घटित होगा तो किसी...
मेरा घर मेरा कमरा मेरे कमरे का दरवाजा मेरे कमरे की खिड़की उस पर पड़ा पर्दा पर्दा गिरा दो तो हो जाये अंधेरा पर्दा उठा...
जो मेरे दिल में कोई उतरकर देखे और फूल नहीं नश्तर के बीच पलकर देखे सुबह को रात और रात को फिर ख्वाब न बनते...
बहुत कड़वाहट भरी है उसके दिल में पर लगता है अब कभी कम न होगी एक सदी के बाद गर जो महसूस हुई गलती अपनी...
जिंदगी में जब कोई मुश्किल की घड़ी आये कोई रास्ता न सूझे कुछ समझ न आये तो अपनी डोर थमा दो खुदा के हाथों में...
सुनो प्रकृति तुम्हारा आंचल बहुत विस्तृत, विशाल और चहुं दिशाओं में फैला हुआ है तुम्हारा ओर छोर तुम्हारे गूढ़ रहस्य तुम्हारे बारे में हर बारीक...
बचपन तो एक अरसा हुआ बीत गया लेकिन एक बात दिल के किसी कोने में कभी से दबी सबके समक्ष खुल्लम खुल्ला, चीखकर, चिल्ला कर,...
सुबह उठते ही सूर्य की पहली किरण को एक खुशी के पेय पदार्थ सा पी जाओ और दुख एक तेज सूरज के बढ़ते तापमान सा...