कांच के बक्से में बंद
कांच के बक्से में बंद हो एक बुत की तरह एक चांद से चमक रहे हो भीड़ के हर चेहरे को अपनी ओर आकर्षित कर...
कांच के बक्से में बंद हो एक बुत की तरह एक चांद से चमक रहे हो भीड़ के हर चेहरे को अपनी ओर आकर्षित कर...
आसमान के सिर पे बादल का बंधा सेहरा।
इस घर का कोना-कोना सूना है मेरे मां-बाप की मौजूदगी के बिना वह अपना पता मुझे बता दे तो मैं यहां से उठकर उनके पास...
दिल के कोने में कहीं एक शमा जला दो कि मैं रोशन हो जाऊं जिंदगी भर अंधेरों में ही तो सफर किया है मैंने क्या...
प्रताड़ना की भी कोई हद मुकर्रर होनी चाहिए एक इंसान का जन्म लिया है तो उसमें इंसानियत, शराफत और वफादारी होनी चाहिए यह लोग खुद...
उम्मीद का दामन थामे रखो यह दर्द भी एक रोज हवा में काफूर हो जायेगा और तेरी रूह को चैन आयेगा।
मेरे हाथ में तेरा हाथ है आसपास एक नये जीवन का सवेरा और रोशनी भरी खुशियों का भी बसेरा है तेरी हथेलियों पर मेहंदी रची...
जिंदगी रहते भी कुछ लोग जीने नहीं देते जिंदगी का पूरा मजा लेने नहीं देते खुद खाते हैं भांति भांति के व्यंजनों से भरी थाली...
खुश हो जाती हूं जब कभी यदा कदा जिंदगी के रास्ते तय करती टकरा जाती हूं तुमसे एक पल के लिए भूल जाती हूं सफर...
आसमान पर दिख रहा है जो बादल का टुकड़ा वह कुछ पल ठहरा है बस यहां इसके बाद चला जायेगा न जाने कहां कुछ नहीं...
बेवजह ही मुझे तकलीफों के समुन्दर में धकेल रखा है और खुद के किनारों पर अपनी हिफाजत के लिए भी पर बांध लगा रखा है।
एक कली खिल रही है खिलकर फूल बन रही है सूरज की धूप जो पड़ी उसके चेहरे पर तो थोड़ी-थोड़ी मुरझा रही है पेड़ की...