• मन की दुनिया

    रास्ते पर कदम बढ़ाये थे एक उत्साहित मन से लेकिन मंजिल तक पहुंचते पहुंचते हतोत्साहित हो गई घर लौटकर अपने कमरे में बंद होकर फिर...

  • उपहार में प्यार घुला

    इस त्योहार उपहारों की बौछार उपहार में प्यार घुला मेरे दिल के रंग सा जीवन को मुस्कुराते हुए जीने की एक युवा उमंग सा सबके...

  • वह आदमी

    जब यह अच्छी तरह से तुम्हें पता है कि वह आदमी हर तरह से सही है तो बार-बार, हर क्षण उसकी परीक्षा क्यों लेते रहते...

  • अवहेलना करी तो किसकी

    अवहेलना करी तो किसकी एक चारों दिशाओं में प्रकाश बिखेरते सुबह के उगते सूरज की, अंधकार की नहीं! एक गुलशन को महकाते चहुं ओर खुशबू...

  • किसी मोरनी की तरह

    मेरी पायल है बिना घुंघरुओं की लेकिन मेरे जी में आ रहा है कि इन्हें बांधकर अपने पैरों में नाचूं जंगल में ही नाचती किसी...

  • धन्यवाद प्रभु का

    अपनों को अपना मानती हूं उनसे दिल से सच्चा प्यार करती हूं अपने मन को लाख समझाती हूं पर जाने अनजाने फिर लौट कर उन...

  • दर्द काफूर

    बच्चों का साथ  एक नव ऊर्जा से  भर देता है जीवन के कैनवास में  चटकीले रंग और शिराओं में बहते लहू से  यौवन की तरंग...

  • चांद के पार भी

    चांद तक तो पहुंचु फिर जानूं कि चांद के पार क्या होगा चांद के पार क्या होगा एक दूसरा चांद होगा दूसरे चांद के पार...

  • एक मसीहा है यह

    लाइटहाउस अंधकार में प्रकाश भरता है जल मार्ग को प्रकाशित करता है जहाजों को, उसमें सवार मुसाफिरों को राह भटकने से बचाता है उन्हें मंजिल...

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