• उम्मीद की चिड़िया को

    उम्मीद की डोर अपनी अंगुलियों में थामे रखना उम्मीद की पतंग अपने उम्मीद भरे एक आसमान में उड़ाते रहना उम्मीद भरी आंखों से उम्मीद भरी...

  • एक मां समान

    न मैं मैं रहा न तू तू रहा हम दोनों खो गये कहीं प्रकृति की इन हरी भरी वादियों में स्तब्ध हैं यह मन की...

  • भीड़ का काफिला तो

    सबको साथ लेकर चलना है लेकिन  किसी के साथ भी नहीं चलना अपने रास्ते और अपनी मंजिल तो  अकेले ही तय करनी पड़ती है इस...

  • मैं कभी इसलिए

    मैं कभी इसलिए नहीं रोती कि मुझे किसी का कंधा अपना सिर उस पर रखकर रोने के लिए नहीं मिलता मैं कभी इसलिए हंसती भी...

  • स्वयं को सम्मानित कर

    हे नारी!  तू दर्पण में अपनी छवि निहारकर  खुद के हुनर की पहचान कर  अपने अस्तित्व की सराहना कर  स्वयं को सम्मानित कर।  किसी अन्य...

  • चांद पर ग्रहण

    आज की रात लगता है चांद पर ग्रहण लग गया है मेरी आंखों पर से भी नींद का पर्दा हट गया है बिना एक भी...

  • मेरे दर्द को

    मुझे एक जादुई हाथ का स्पर्श चाहिए  जो मुझे छुए और  मेरे दर्द को हमेशा के लिए न सही पर  कुछ पलों के लिए तो ...

  • कोई जादुई झरना

    कोई झरना कहीं मिल भी जाये जो हो जादुई जिसके पानी को पीने मात्र से या उसमें नहाने से हो जाता हो कोई युवा सदा...

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