जिंदगी जीने के लिए
क्या कीमत आखिरकार मुझे चुकानी पड़ेगी अपनी जिंदगी को जीने के लिए क्या मेरी सारी उम्र ऐसे ही कटेगी जैसे कभी जिए ही नहीं।
क्या कीमत आखिरकार मुझे चुकानी पड़ेगी अपनी जिंदगी को जीने के लिए क्या मेरी सारी उम्र ऐसे ही कटेगी जैसे कभी जिए ही नहीं।
इसको पढ़ा उसको पढ़ा पर खुद को कभी पढ़ा नहीं।
मेरी जिंदगी कहानी अंजानी सी तन्हा, खामोश।
दिल में मेरे जो आता है मैं उसी वक्त कलम से उसे कागज पर उतारती क्यों नहीं बाद में परेशान होती रहती हूं इस बात...
मेरे चेहरे का रंग पीला पड़ गया है यह एक सूखे पत्ते सा मुरझा गया है इसका रंग फीका पड़ गया है दर्द के कारण...
सूरज की जैसे लालिमा हर रोज एक वैसे ही मेरी लिपस्टिक का रंग एक लिपस्टिक के बहुत सारे शेड्स को चुनने में मैं अपना बेशकीमती...
ऐसा क्यों सोचते हो कि आज की रात चांद निकलेगा नहीं चांद न भी निकले पर रात के बाद एक नई सुबह तो अवश्य ही...
यह दुनिया दिखती भरपूर खिड़कियों से।
अपना हाथ दे दो मेरे हाथों में कि कुछ समय के लिए सही पर मेरी सांसों को जिंदगी की सौगात मिल जाये यह जाते हुए...
आसमान में छाये बादल हैं जमीन पर पड़ रही रिमझिम बारिश की बूंदों की फुहार भी बारिश की बौछारों से मुझे बचाने के लिए मेरे...
रंग लगाता रहा मैं अपने चेहरे पर उम्र भर कभी लाल, कभी पीला कभी नीला, कभी हरा मैं ऐसा करने से एक विदूषक बन गया...
अपना घर होते हुए भी एक घर तलाश करते रहना यह भी भला कोई बात हुई यह भी एक अजीब इत्तेफाक था कि मैं जिसके...