जीवन के अनुभवों के समक्ष बौना है मनुष्य
जीवन की पाठशाला में एक बार जो दाखिला ले लिया तो मरते दम तक इससे प्राप्त ज्ञान के पाठ्यक्रम का कभी अंत नहीं होता जीवन...
जीवन की पाठशाला में एक बार जो दाखिला ले लिया तो मरते दम तक इससे प्राप्त ज्ञान के पाठ्यक्रम का कभी अंत नहीं होता जीवन...
एक कलाकार एक संवेदनशील व्यक्तित्व का धनी व्यक्ति होता है उसका मन बहुत कोमल होता है किसी फूल की कोमलता की ही तरह इस संपूर्ण...
कल्पना की उड़ान इस लोक से परे ले जाने में तो सक्षम होती है यह एक चिड़िया सी ही अपने पंख फैलाकर उड़ती रहती है...
सांझ की बेला में एक डूबते सूरज को भी इस उम्मीद के साथ देखें कि कल सुबह यह अवश्य उदय होगा, जीवन में भी ...
झूठ की नाव बीच रास्ते हमेशा डूबती है पार कभी नहीं लग सकती।
पहाड़ियों के पीछे से सूरज की पहली किरण फूट रही है अंधकार की चादर को समेटती अपने पैर पसारती एक प्रकाश की किरण सी...
जीवन एक सोया हुआ नहीं अपितु एक जीता जागता सांस लेता हुआ रेत उड़ाता आंखों में धूल झोंकता मन में हजार दुविधायें उत्पन्न करता जेहन...
आग लगी है किसी अग्नि की लपटों में नहीं बल्कि दिल में यह आग ईर्ष्या की द्वेष की अहंकार की बदले की भावना की दुर्भावना...
एक दीवार पर लगा आईना दीवार की सुंदरता के साथ साथ जो कोई अपने को उसमें झांक कर देखे उसकी छवि सच्चाई से उसके सामने...
मेरा जीवन एक बंद किताब टूटा सा साज।
एक फोटो एल्बम में फोटो ही नहीं अतीत की यादें कैद होती हैं जब भी इसे अलमारी के खाने के एक कोने में से निकाल...
यह जीवन भी क्या है एक जलयात्रा ही तो है सपनों को धरातल की पृष्ठभूमि नहीं मिलती और तैरते रहते हैं वह एक जहाज की...