जीत का गुब्बारा
हर पल खुशी को महसूस करो एक आजाद पंछी सा ही आसमान की ऊंचाइयों में भ्रमण करो जीवन के शब्दकोश से हार जैसे किसी भी...
हर पल खुशी को महसूस करो एक आजाद पंछी सा ही आसमान की ऊंचाइयों में भ्रमण करो जीवन के शब्दकोश से हार जैसे किसी भी...
जीवन का सफर है कुछ कुछ भरा हुआ तो थोड़ा कहीं से खाली सा भी सुख और दुख दोनों को चलो ऐ मन गठरी सा...
एक कली खिली खिलकर फूल बनी कुछ समय महकी जीवित रही खुशबू भरी सांसें भरी दर्द में भी कुछ आहें भरी फूलों भरी, कांटों भरी...
दिल तुम्हारा छलनी नहीं होता जब अपने मां बाप की भी अनदेखी करते हो तुम जिन्होंने सींचा उम्र भर तुम्हें अपने लहू से उनकी आंखों...
पत्थर भी रो पड़ेंगे उसके कुठाराघात से मैं तो फिर भी कहने को एक सुकोमल फूलों सी कोमल हृदय वाली कन्या हूं।
किसी दूसरे को खुशी देकर गर मन प्रसन्नता से भर उठे तो इसे सही अर्थ में खुश होना कहते हैं परिंदे खुले आसमान में उड़ते...
यह कौन सा है लोक यह मैं अपनी ख्वाबों की मंजिल तलाशते हुए किस जगह आ गई हूं यह कोई रास्ता है या है कोई...
मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि मैं मुरझा रहा हूं अपने अस्तित्व को खो रहा हूं अपने जीवन के रंगों से दूर हो...
यह फूलों की वादियां हैं खामोशी से महकती हुई हवाओं के संग बहती हुई हरे पत्तों की हरियाली में नहाती हुई रोशनी के अंबार को...
हे भगवान सबकी नैया पार लगाना प्रभु।
मुझमें अंधेरा भरा है कितना अंधकार का मेरे भीतर वास ऐ सितारों आज की रात एक मेहरबानी करना मेरा दामन अपनी रोशनी से रोशन कर...
यह रिश्ता निभाने की अब मैं कोई कोशिश नहीं करूंगी टूटता है तो टूटने दूंगी इसे जोड़ने की मैं कोई अब पहल नहीं करूंगी इन...