इनके रौद्र रूप का बुलडोजर
करीब आयी मैं जितना अपनों के उन्हें उतना ही पराया पाया अफसोस रहेगा मरते दम तक कि ऐसे नासाजों को मैंने क्या सोचकर था अपने...
करीब आयी मैं जितना अपनों के उन्हें उतना ही पराया पाया अफसोस रहेगा मरते दम तक कि ऐसे नासाजों को मैंने क्या सोचकर था अपने...
कितना अच्छा हो ना कि मैं खुद की पनाहों में ही कैद हो जाऊं मैं खुद में ही कहीं जज्ब हो जाऊं मैं खुद में...
मैं औरत हूं यह भी सत्य कि इंसान भी हूं।
यह कैसे रिश्ते हैं बेजान से जिनके साथ कट रहा है मेरी जिंदगी का सफर न इनके साथ रहा जाता है न ही जुदा होना...
जिंदगी और मौत के बीच दूरी चंद लम्हों की होती है जिंदगी गले लगा लेती है मौत को और मौत ठुकरा देती है जिंदगी को...
तुम चाहे तो अपने लबों से कितना भी मुस्कुरा लो लेकिन तुम्हारी उदास आंखें तुम्हारे दिल की सारी कहानी तुम्हारे बिना बोले खामोशी से बीच-बीच...
ओ मेरे प्यारे से शहतूत के पेड़ तुम्हारे फलों को नहीं खाना मुझे तुम इतने सुंदर हो कोमल हो ऐसा लगता है कि जैसे रेशम...
कभी कहीं किसी को किसी से प्यार होता है तो कहने की आवश्यकता नहीं होती है प्यार तो एक महकते फूलों के उपवन के समान...
फ़ासले ही तो हैं हम दोनों के दरमियान तुम ही बताओ कि नजदीकियां कहां हैं एक के दिल की हर धड़कन में प्रेम का स्पंदन...
शायद ऐसा हो सकता था कि सही समय पर अगर प्रयास कर लिये गये होते या किसी को उसे प्रतिपादित करने में सहयोग दे दिया...
एक खोया हुआ पत्र मुझे मिला जो मेरे लिए बड़े काम का साबित हुआ उसने कई राज उजागर किये मेरी आंखों पर पड़े कई पर्दों...
दुनिया के किसी भी कोने से सकारात्मकता को ढूंढ कर लायें और उसके भाव को स्वयं में प्रवाहित करके उसके अनगिनत प्रभावों से लाभान्वित हों।