कल्पनाओं की एक कश्ती में सवार होकर
एक चित्र बनाने की कोशिश कर रहा हूं जो बने मेरे मन के रंग सा मेरी इच्छा के अनुरूप मेरी पसंद का यह मेरा जीवन...
एक चित्र बनाने की कोशिश कर रहा हूं जो बने मेरे मन के रंग सा मेरी इच्छा के अनुरूप मेरी पसंद का यह मेरा जीवन...
दुख की घड़ी में जब सांत्वना देने वाला कोई नहीं था तो मैंने खुद से ही दोस्ती कर ली खुद का हाथ थाम लिया खुद...
जिस जगह से चलती हूं आगे की तरफ बढ़ती हूं घूम फिर कर बार बार फिर वहीं क्यों पहुंच जाती हूं इस जीवन का अंत...
तुम मुरझाओ तो एक बार पर खिलो बार बार पल पल मुरझाते रहने का जीवन में कोई औचित्य नहीं है।
शिक्षा, विकास, दुनिया से जुड़ाव जो पहुंचा अपने गांव तक तो दौड़ी लबों पर एक खुशी की लहर चेहरे फूलों से खिल गये अंधकार में...
दिल मेरा तुम्हारे लिए खिला था एक फूल सा तुमने तो उसे पहली दफा पहली नजर देखने पर ही कांटा समझ लिया स्वीकार नहीं करना...
इस दुनिया ने आखिरकार मुझ जैसी किसी औरत को समझ क्या रखा है कोई इस्तेमाल करने की एक वस्तु मात्र एक रास्ते का कांटा एक...
फूलों की देह सुगंधित रहती मृत्युपर्यन्त।
जलता है जो कोई भी दीपक तो मुझ पर असर होता है बुझता है जो कोई भी दीपक तो मुझ पर असर होता है एक...
जिंदगी एक सांप सीढ़ी का खेल है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम इसे खेलना छोड़ दें।
तन कमजोर हो तो मन को मजबूत बनाने का प्रयास तब तक करते रहे जब तक मन पर विजय न पा लें।
मौसम सर्द है बर्फ भी पड़ रही है ठंडी हवायें चल रही हैं घर की छत, पहाड़ियां, दरख्त, जमीन की सतह आदि बर्फ की सफेद...