मेरा भाई
मेरा भाई कभी मीठा कभी नमकीन, कभी अच्छा कभी बुरा, कभी सच्चा कभी झूठा, कभी करीब कभी दूर, कभी जीताता कभी हराता, यह सब पर...
मेरा भाई कभी मीठा कभी नमकीन, कभी अच्छा कभी बुरा, कभी सच्चा कभी झूठा, कभी करीब कभी दूर, कभी जीताता कभी हराता, यह सब पर...
यह दुनिया एक झूठ है आडंबर है फरेब है बहुत ही मुश्किल है यहां खुद को साबित करना सच को सही ठहराना अपने जीवन की...
तस्वीरें कभी सच का आईना नहीं होती तस्वीरों में कोई मुस्कुराता दिखे तो समझना कि वह भीतर से रो रहा है तस्वीरों में प्यार झलकता...
सारे रास्ते बंद हैं, मैं कौन सा रास्ता निकालूं! गौर से देखा तो पाया जमीं के बंद थे पर आसमां के खुले तो क्यों न...
जीवन में बहुत कुछ घटित होता है वीभत्स विघटनकारी अप्रत्याशित नकारात्मक प्रभाव दिलो दिमाग पर डालता जो मन को लगता अप्रिय लेकिन फिर वापिस...
तन में मन मन में मंदिर ईश्वर का।
कई बार इस घड़ी को देखकर लगता है कि जैसे मैं भी किसी गुजरे हुए एक पल की कोई भूली बिसरी हुई कहानी सी हूं...
यह अपने हाथों में भिक्षा पात्र लेकर कहां जा रहे हो ऐ बंधुओं जबकि तुमने तो अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया है अपना बहुमूल्य जीवन...
आज मैं खुश हूं बहुत खुश हूं कोई मुराद पूरी नहीं हुई है कुछ हासिल भी नहीं किया है किसी मंजिल की तलाश भी नहीं...
तुम और मैं सूरज की किरण चंदा की डोर।
चलो चले आज दिलदार चांद के पार नहीं आसमान के रंगों के उस पार सूरज के लालिमा बिखेरते सिंदूरी रंग के पार आज हम चले...
दर्द की नदी एकदम शांत थी एकाएक यह अशांत होकर कहर ढा देगी यह अनुमान भला किसे था जो दिखता है वह होता कहां है...