जल की एक बूंद
जल की एक बूंद बहाना जैसे रक्त बहाना।
जल की एक बूंद बहाना जैसे रक्त बहाना।
रोज सुबह तुम खिलते हो आसमान में उगते सूरज से भी मिलते हो आकाश को छूने की तुम्हारी तमन्ना कुछ रंग तो दिखा रही है...
पहले सूरज साथ लेकर चलती थी अब उनकी यादों का दीपक साथ लेकर चलती हूं जैसा भी है समय और जैसे भी हैं हालात लेकिन...
यह जीवन भी कभी कभी स्थिर हो जाता है कुछ समय के लिए एक तस्वीर सा ही इसे पुनः इसकी यथास्थिति में लाने के लिए...
आकृतियां सी बनती दिख रही हैं मुझे तो इस हरे भरे घनेरे जंगल में पेड़ों को चीरता सूरज का प्रकाश है तो परछाइयां भी बन...
ऐ भिक्षु तुम इस रास्ते से चलायमान बेशक हो लेकिन कहीं एक पेड़ के समान खामोश हो गये हो तुम जीवन के कठिनाइयों से कहीं...
काश कोई जिंदा रहे किसी को एक लंबी उम्र मिले किसी का साथ एक लंबे समय तक बना रहे कोई मरकर जुदा होकर किसी को...
मुझे गुलाब के फूलों से खिला जो कोई चमन न मिला तो मैं किसी एक गुलाब के फूल से ही काम चला लूंगी एक गुलाब...
कोई दुल्हन लाल जोड़े में सजी लश्कारे मारती है सुनहरी गोटे की किनारी हो जो उसकी चुनर में लगी तो गजब ढाती है लाल सिंदूरी...
कल की रात अच्छी कटी मैं ठीक प्रकार से सो पाई सुबह उठकर रोजमर्रा के कार्य भी सही ढंग से आरंभ कर दिये सूरज भी...
सूरजमुखी तुम्हारा मुखड़ा सूर्य समान।
कहने को वह सड़क अकेली दिखाई पड़ रही थी क्योंकि कोई दूर-दूर तक उस सड़क पर चलता हुआ नहीं दिख रहा था चलो अच्छा है...