राम तुम हो
राम तुम हो श्याम भी, राधा भी जीवात्मा भी।
राम तुम हो श्याम भी, राधा भी जीवात्मा भी।
किसी भी मनुष्य या प्राणी के लिए उम्मीद की डोर अति आवश्यक है अपनी जीवन रूपी पतंग को उड़ाने के लिए डोर छोटी हो या...
सूरज जलता हुआ दिखता है पर उसका चित्त शांत होता है उसके मन में असीम शांति भरी होती है उसकी देहरी पर प्रभु के दिव्य...
इच्छाओं का अंत हो जाये तो यह जीवन सरल हो जाये सहजता के साथ फिर इसे कोई जी ले इसके होने का अर्थ सार्थक हो...
यह टूटा हुआ दिल लेकर कहां जाया जाये चलो किसी मंदिर में ही जाकर कोई एक राम की आस्था का दीपक जलाया जाये।
किसी मेहमान का मेरे घर आना पिछले कुछ समय से मुझे अच्छा नहीं लग रहा इसके पीछे का कारण स्पष्ट कर दूं कि मेरा घर...
मैं इस धरती पर पैदा क्यों हुई मैं क्या अन्य भी हो रहे हैं मैं बीमार क्यों हुई मेरा स्वास्थ्य क्यों गिरा मैं अस्पताल में...
आज चलो सब कुछ भूल जायें और एक महकते मौसम से ही खुश हो जायें।
अग्नि शांत रहे एक स्थान पर स्थिर खड़ी रहे हवा के संपर्क में न आये तो बड़े काम की यह जो गर बिगड़ जाये अपना...
मन से फूट रहा एक झरना भावों का किसी भाषा के रूप में अभिव्यक्त हो रहा एक कविता का रूप ले रहा यह झरना बहता...
तुम कितनी प्रसन्न दिख रही हो तन दमक रहा तुम्हारा एक सोने के आभूषण सा मन का दर्पण चमक रहा एक हीरे के लश्कारे सा...
रास्ता चाहे लंबा हो, पथ बेशक पथरीला हो, ऐ साहसी योद्धा! तुम एक-एक कदम उठाते चलो और अपनी मंजिल को पाते चलो।