यह काली घटाएं
मेरे सिर पर आसमान टूटकर गिर रहा है है पैरों में जंजीर तुम आंखों से ओझल हो हवाओं का भी मच रहा चारों तरफ शोर ...
मेरे सिर पर आसमान टूटकर गिर रहा है है पैरों में जंजीर तुम आंखों से ओझल हो हवाओं का भी मच रहा चारों तरफ शोर ...
जमीन की दूब तुम अपने कद को बढ़ा रही हो आसमान के बादल तुम जमीन की तरफ झुक रहे हो तुम सब क्या अपनी अपनी...
कभी किसी को नापने तोलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए हो सकता है वह पूरा खाली हो तो इस आधार पर किसी का अपमान नहीं...
खंडहर से मंदिर के गुंबद पे एक खग।
जो कुछ करूं बस मुझे करना चाहिए तुम बैठे रहना एक कोने में खामोश पत्थर के बुत से मेरे दिल में प्यार होना चाहिए मुझे...
उपवन है उपवन में फूल है फूल में खुशबू है खुशबू में दर्पण है दर्पण में चितवन है चितवन में यादों की चिलमन है चिलमन...
जब थे तो बेशक न होते लेकिन अब नहीं है तो उन्हें मौजूद होना चाहिए सच में यथार्थ में मेरी आंखों के समक्ष खड़ा हुआ...
दिल की कश्ती बिना पानी चलती हौले हौले से।
एक फूल है कोई खिला हुआ इसे उपवन में ही रहने दो इसे न तोड़ो किसी पेड़ की शाख से इसे पेड़ के पत्तों की...
हे कान्हा मेरे सलोने कान्हा इस जग में सबसे सुंदर मेरे कान्हा एक मनमोहक छवि के धनी तुम कान्हा मुरली बेजान सजती जो तुम्हारे अधरों...
हम दोनों को मिलती है जो प्रेरणा कहीं न कहीं से मसलन प्रकृति से तो हम दूसरों को भी प्रेरित करते हैं सूरज और चांद...
फूल थे पत्ता पत्ता क्यों बिखर गये हो पत्तों के साथ रहते थे अब उन्हीं के रंग में क्यों रंग गये हो तुम्हारी कोई मजबूरी...