दो सुगंधित बोल कोई बोल ले तो
जब वह बोलती है तो उसके मुंह से शब्द नहीं एक सुगंधित फूलों की बौछार होती है ऐसा लगता है कि जैसे उसने अपने भीतर...
जब वह बोलती है तो उसके मुंह से शब्द नहीं एक सुगंधित फूलों की बौछार होती है ऐसा लगता है कि जैसे उसने अपने भीतर...
नया दिन है नये संकल्प नया सूरज है नया चांद भी होगा आंखों में मेरी पर सपने वही पुराने हैं यादों के धरातल पर खड़े...
तू तू है और मैं मैं फिर लड़ाई किस बात की।
ओ मेरे मन मेरे दोस्त कैसे हो तुम जब कोई न पूछे तुम्हारा हाल तो चलो मैं ही रख लेती हूं फिर तुम्हारा ख्याल आज...
जो कुछ हो तो नहीं मिलता जो न हो तब तो मिलता ही नहीं सब कुछ समझ आता है पर कोई कुछ कर पाता नहीं...
पैसे की खनक सोने की दमक तुम्हें मुबारक हो मुझे तो चाहिए मेरे हाथों में पड़ी हुई कांच की चूड़ियों की खनक चेहरे पर मेरे...
जैसे तुम एक योद्धा हो वैसे ही मैं भी एक शूरवीर हूं इस दुनिया में ऐसा कौन है जो अपने जीवन की लड़ाई सच्चाई के...
यह जमीं और यह आसमां क्या मेरा ही है आसमान में उड़ता परिंदा इसके बदले हुए रंगों को देखकर कहीं अपने घर का रास्ता न...
कहने को दिखते हैं रंग अनेक मुझे लेकिन मिलते कहां हैं दिल में भरा है जैसे प्यार अपार महसूस होता है वह हर पल बेशुमार...
मुझे आसमान का सूरज नहीं एक बेटा चाहिए सूरज सा जैसे रोज सुबह सूरज उगता है जग में उजियारा फैलाने के लिए वैसे ही मैं...
आसमां जमीं मिल रहे हैं मुझे भी संग लिए।
मौसम भी कातिलाना हो रहा है मेरी अदाओं की तरह अपनी कमर में बंधी म्यान से तलवार निकाल कर कहीं यह मुझे घायल न कर...