यह फूल कब खिलेगा
मेरे दिल का फूल मुरझा गया है यह दोबारा कब खिलेगा इस आस को दिल में संजोय बैठी सदियों से कि यह मेरे दिल की...
मेरे दिल का फूल मुरझा गया है यह दोबारा कब खिलेगा इस आस को दिल में संजोय बैठी सदियों से कि यह मेरे दिल की...
दिल का दरिया बहता चला गया किसी अनजान दिशा की ओर इसे न मिला कभी पल भर ठहरने के लिए अपना ही किनारा कोई इसे...
तुम तो आसमान के परे ही कहीं जाकर और छिपकर बैठ गये हो उतर आओ अब नीचे कि सिर आसमान की तरफ उठाये उठाये मेरी...
इस क्रिसमस सांता क्लॉस देर रात मेरे पास आये मेरी मां को वह साथ लाये मैं बिस्तर पर पड़ी सो रही थी मां जब से...
तुम चले गये शेष रहा कुछ मेरे साथ तुम्हारा तो सिर्फ तुम्हारी यादें तुम्हारे पद चिन्ह और तुम्हारा सामान जिंदगी भी एक चाय की प्याली...
नींबू का रस मीठा हो गया तेरी बातें सुनके।
घर किसी को घर सा न लगे तो कोई कहीं कहां जाये घर के बेटा और बहू घर वालों के लिए एक तिनका भी नहीं...
याद आ रही गुजरे जमाने के अफसानों की।
नव वर्ष है नया दिन नई तारीख नई उम्मीदें नये सपने नई मंजिले नये रास्ते सब कुछ है आज नया पिछले बरस की यादों को...
उत्सव मनाने के लिए किसी साल, महीने, सप्ताह, दिन या समय का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं इसके लिए कोई तैयारी न करें बस मन...
चांद सितारे से कोई प्रतिस्पर्धा, जलन या ईर्ष्या द्वेष नहीं करता बल्कि एक दूसरे को सहयोग प्रदान करते हुए अपनी अपनी रोशनी लिए दोनों मिलकर ...
गांव एक छोटा सा, प्यारा सा, न्यारा सा उसमें जो मेला लगा वह भी उसके जैसा ही छोटा सा, प्यारा सा और न्यारा सा उसे...