पड़ने दो किसी पेड़ की छाया मुझ पर
पड़ने दो किसी पेड़ की छाया भी मुझ पर कि मेरा तन जलता है न रोको किसी राह पर चलते मेरे कदमों को कि मेरे...
पड़ने दो किसी पेड़ की छाया भी मुझ पर कि मेरा तन जलता है न रोको किसी राह पर चलते मेरे कदमों को कि मेरे...
छलकता है दर्द कभी आंसू तो कभी हंसी सा।
पेड़ पर हरे पत्ते अच्छे लगते हैं और गुलदस्ते में महकते हुए लाल गुलाब के फूल सफेद फूल हों तो भी जचेंगे फूल तो फूल...
वस्तुएं जैसे टूट जाती है वैसे ही दिल तक टूट जाता है लेकिन उसकी फिर से मरम्मत करके, उसे जोड़कर अपने जीवन को एक बार...
होली का यह महीना छाया दिल पर मस्ती का खुमार मन रंग लिया सपनों के धरातल पर खड़े होकर होली के दिन तन पर कर...
घर है पर उसमें कोई रहने वाला नहीं कुर्सी है पर उस पर कोई बैठने वाला नहीं परिंदे भी रुख नहीं करते अब तो इस...
तू है किसी घर की आधारशिला तू है किसी परिवार की धुरी तू है सृष्टि तू है एक प्रभु के हाथों निर्मित कोई सुंदर कृति...
एक महल हो जंगल में तो लगता है एक खंडहर सा दुनिया हो भीड़ से भरी हुई और दिल का मकान हो खाली तो अपना...
रेगिस्तान की वीरानगी उस पर मौसम की यह सादगी रेगिस्तान के टीलों की न रेत उड़ रही है आसमान के रंगों की न कोई तस्वीर...
जब कोई आंख न देखे मुझे तो मैं किसकी तरफ एक आस भरी निगाह से देखूं यह संसार तो नहीं है मेरे मन मुताबिक तो...
रेगिस्तान की रेत आसमान का सूरज एक मुसाफिर सा चलता जो ऊंटों का कारवां लेकर नागफनी के कांटे पैर में चुभते तो रेत के कण...
यह जीवन एक मुश्किल तो समाधान भी।