राह स्वर्ग की तरफ जाती हुई
स्वर्ग यहां नरक यहां ऐ दिल बता फिर मैं जाऊं कहां जो कुछ है दिल के भीतर है एक सुंदर सी दुनिया स्वर्ग सी एक...
स्वर्ग यहां नरक यहां ऐ दिल बता फिर मैं जाऊं कहां जो कुछ है दिल के भीतर है एक सुंदर सी दुनिया स्वर्ग सी एक...
उसकी आंखें समुन्दर सी गहरी आकाश सी नीली एक हरे उपवन सी एक सौंदर्य के दर्पण सी खामोशी से दिल की बातें कहती सी एक...
यह मन कैसा होता है इस पल खुश अगले पल दुखी यह भी क्या करे जैसा देखेगा, वैसा ही तो फिर सोचने के लिए बाध्य...
किसी नदी के तैरते जल के दर्पण में जो झांककर देखो जो अपनी छवि तो मेरी आंख अपने सिवाय उस नदी के मन के भीतर...
तेरी सुंदरता तेरी मादकता तेरी दिलकश अदा हर महफिल में आग लगाती है तू किसी को देख जो मुस्कुराती है तो उसके दिल पर बिजली...
हर रिश्ता मतलब का है हर रिश्ता कांच से बने दिल को तोड़ता हुआ एक पत्थर की शिला सा है हर रिश्ता एक पहाड़ सा...
गांव की सड़क तो अब एक स्वप्न सी लगती है अपने शहर से किसी दूसरे शहर की यात्रा करने पर ही बस रास्ते में पल...
अतीत के वृक्ष की छाया में ही चलो जी लूं कि वर्तमान में तो मेरे चारों तरफ पतझड़ का मौसम और पेड़ से झड़ रहे...
सूरज लाल क्रोध अगन या प्रेम लगन में।
रंग दो मुझे आज सिर से पांव तक लाल सिंदूरी रंग से मैं हो जाऊं आज अपने श्याम की कि विरह की अग्नि में जलकर...
अपने घर के कमरे में बंद रहती हूं तो लगता है कि जैसे मैंने इस दुनिया की सारी खुशियां पा ली घर के बाहर जो...
मैं वयस्क हूं ऐसा तुम्हें लगता है मैं तो अभी भी भीतर से वही एक शरारती, चंचल, नादान, मासूम, अल्हड़ आंखों में अनगिनत सपने लिए...