उम्मीद का दामन
आज की सुबह सूरज नहीं उगा, शायद कल उदित हो, कल नहीं तो शायद परसों … कहने का तात्पर्य यह है कि उम्मीद का दामन...
आज की सुबह सूरज नहीं उगा, शायद कल उदित हो, कल नहीं तो शायद परसों … कहने का तात्पर्य यह है कि उम्मीद का दामन...
चेहरे पर इस पल मुस्कुराहट के कंवल खिले हैं पर अगले ही पल इसी चेहरे पर लगी दो आंखों में आंसू भरे हैं अभी कुछ...
थक गये हो क्या मेरे मन इतनी जल्दी तुमने हार क्यों मान ली अभी तो तुम्हारी उम्र भी कोई बहुत ज्यादा नहीं है जीवन में...
आंख होते हुए भी कोई किसी से आंख न मिलाये आंखों आंखों में कोई बात न करे कोई दुआ सलाम न करे किसी भी तरह...
बिछड़ना होता है एक दिन किसी मोड़ पर हर किसी से मुश्किल ही मिलते हैं लोग जीते जी भी और मरने के बाद तो बिल्कुल...
तस्वीरों की खनक पायल की झंकारों सी।
होली के रंग लगते तन पर मन खिलता।
रंगों के उत्सव ने भर दिया मन में उत्साह चेहरे पर रंग दिल में उमंग भूलकर आज सारे गम खुशियां मना लें चलो मिलकर सब...
तुम और मैं कोई दो नहीं एक ही हैं मैं जीवन में चुनती ही उसे हूं अपनाती ही उसे हूं पाती ही उसे हूं अपने...
यह होली के सब रंग तुम्हें हो मुबारक मैं कब कहती हूं कि मुझे किसी की खुशी रास नहीं आती यह चारों तरफ फैले रंग...
होली का त्योहार बिन तेरे फीकी हर फुहार रंग दूसरों पर पड़ता देख अब लगता है अच्छा लेकिन दूर से खुद पर तो पानी का...
थक गई हूं इस जीवन की धका पेल से, जरा पल भर को मेरा सिर अपने कंधे पर टिकाकर मुझे सहारा देकर मेरा मनोबल बढ़ा...