मेरे दिल में कोई उतरकर देखे
जो मेरे दिल में कोई उतरकर देखे और फूल नहीं नश्तर के बीच पलकर देखे सुबह को रात और रात को फिर ख्वाब न बनते...
जो मेरे दिल में कोई उतरकर देखे और फूल नहीं नश्तर के बीच पलकर देखे सुबह को रात और रात को फिर ख्वाब न बनते...
बहुत कड़वाहट भरी है उसके दिल में पर लगता है अब कभी कम न होगी एक सदी के बाद गर जो महसूस हुई गलती अपनी...
जिंदगी में जब कोई मुश्किल की घड़ी आये कोई रास्ता न सूझे कुछ समझ न आये तो अपनी डोर थमा दो खुदा के हाथों में...
सुनो प्रकृति तुम्हारा आंचल बहुत विस्तृत, विशाल और चहुं दिशाओं में फैला हुआ है तुम्हारा ओर छोर तुम्हारे गूढ़ रहस्य तुम्हारे बारे में हर बारीक...
बचपन तो एक अरसा हुआ बीत गया लेकिन एक बात दिल के किसी कोने में कभी से दबी सबके समक्ष खुल्लम खुल्ला, चीखकर, चिल्ला कर,...
सुबह उठते ही सूर्य की पहली किरण को एक खुशी के पेय पदार्थ सा पी जाओ और दुख एक तेज सूरज के बढ़ते तापमान सा...
हे कबीरा यह जग सूना तेरे बिना मेरे मन की वीणा रोये तेरे बिना तुम न भी हो पाओ कहीं इस धरती पर पुनः अवतरित...
मीनू ने अपने भाई मनु से मंदिर के समीप बने मानसरोवर से मझधार में फंसी हुई किसी मछली को छुड़ाकर लाने को कहा मनु मन...
हर व्यक्ति में दूसरों के प्रति दया भाव नहीं होता लेकिन कहीं यह गुण आप में विद्यमान है तो एक बात गांठ बांध ले दूसरों...
कुछ लोगों के लिए खुशी क्या है इस दुनिया को पा लेना और अपने मां-बाप को पूरी तौर पर भुला देना मेरे लिए खुशी क्या...
यह बात तो पूर्णतया सही है कि रात्रि के तीसरे प्रहर जब आंखों में नींद भरने लगती है तो किताब में लिखे शब्द धुंधले से...
निष्प्राण है यह जगत प्रभु के प्रेम बिना।