मेरी कलम की स्याही कभी सूखे नहीं
कोई जीते जी तो किसी को पूछता नहीं मरने के बाद क्या खाक पूछेगा यह एक कड़वी सच्चाई है तो क्या अच्छा हो कि जीवन...
कोई जीते जी तो किसी को पूछता नहीं मरने के बाद क्या खाक पूछेगा यह एक कड़वी सच्चाई है तो क्या अच्छा हो कि जीवन...
ऐ तांगे वाले आज मौसम बहुत गर्म है लू चल रही है भरी दोपहरी है गर्म हवाओं के थपेड़े चेहरे और बदन की त्वचा को...
कभी किसी के दिल की बातों को समझना हो तो पढ़ना सीख लो उसकी आंखों की भाषा को मुंह से बोली गई बातों का नहीं...
आसमान में सुबह होने पर बेशक सूरज किसी दिन न उगे लेकिन जीवन में छाये अंधकार को हटाते हुए प्रकाश की किरणें चारों तरफ फैलाना ...
कभी कभी लगता है कि हम कभी न खत्म होने वाले दर्द से लगातार लड़ने के बावजूद जंग हार गये लेकिन तीव्र दर्द पहाड़ के...
समय कहां रुकता है कभी किसी के लिए समय का पहिया तो चलता ही रहता है निरंतर बिना एक पल भी गंवाये बिना सांस लिये...
हे स्त्री देवी स्वरूप! तू शक्ति का एक भंडार है, गुणों की खान है, प्रेम का एक जीता जागता संसार है। तुझसे एक विनती है...
हमारी फुलवारी की एक महकती कली हमारी बिटिया हमारी डगर, हमारी मंजिल, हमारा सपना, हमारी जिंदगी हमारी बिटिया उम्मीद की यह डोर, खुशियों की यह...
कैसे रहूं मैं कांटो के बीच जो हमेशा रही फूलों के बीच काश! मैं कांटो के बीच पली होती तो फूलों संग कांटों के बीच...
निर्जीव को भी मैं सजीव मानूं तो ये मेरा मन।
सिर से पानी पार होगा अपने जन्मदाताओं का ही जब नरसंहार सा अपमान होगा कुछ अप्रिय, असामान्य, विघटनकारी अप्रत्याशित रूप से घटित होगा तो किसी...
मेरा घर मेरा कमरा मेरे कमरे का दरवाजा मेरे कमरे की खिड़की उस पर पड़ा पर्दा पर्दा गिरा दो तो हो जाये अंधेरा पर्दा उठा...