तेरी मोहब्बत के असर का
मेरे हाथ में तेरा हाथ है आसपास एक नये जीवन का सवेरा और रोशनी भरी खुशियों का भी बसेरा है तेरी हथेलियों पर मेहंदी रची...
मेरे हाथ में तेरा हाथ है आसपास एक नये जीवन का सवेरा और रोशनी भरी खुशियों का भी बसेरा है तेरी हथेलियों पर मेहंदी रची...
जिंदगी रहते भी कुछ लोग जीने नहीं देते जिंदगी का पूरा मजा लेने नहीं देते खुद खाते हैं भांति भांति के व्यंजनों से भरी थाली...
खुश हो जाती हूं जब कभी यदा कदा जिंदगी के रास्ते तय करती टकरा जाती हूं तुमसे एक पल के लिए भूल जाती हूं सफर...
आसमान पर दिख रहा है जो बादल का टुकड़ा वह कुछ पल ठहरा है बस यहां इसके बाद चला जायेगा न जाने कहां कुछ नहीं...
बेवजह ही मुझे तकलीफों के समुन्दर में धकेल रखा है और खुद के किनारों पर अपनी हिफाजत के लिए भी पर बांध लगा रखा है।
एक कली खिल रही है खिलकर फूल बन रही है सूरज की धूप जो पड़ी उसके चेहरे पर तो थोड़ी-थोड़ी मुरझा रही है पेड़ की...
किसी के खिलाफ होने की भी कोई सीमा होती है दुश्मनी पक्की है तो बोलने की कोशिश फिर क्यों जारी है।
कांच का फूल चांद सा चमकता बिना सुगंध।
जिंदगी की जंग में बार बार भले ही शिकस्त मिलती रहे लेकिन खुद को मानसिक रूप से तैयार करके इस लड़ाई को जारी रखने की...
सारी उम्र वह आग लगाते रहे दूसरों की जिंदगियों में पर थके नहीं इसकी वजह स्पष्ट थी क्योंकि वह इस आग के दावानल में खुद...
मैं कल जब छोटी थी और आज जब बड़ी हूं तो बस इतना चाहती थी और मेरी यही अंतिम इच्छा है कि मरते दम तक...
लोग किसी को किस तरह से प्यार करते हैं कि मैं तुमसे प्यार करता हूं या करती हूं कहते हुए भी उनके मुंह से दुर्गंध...