चांद पर ग्रहण
आज की रात लगता है चांद पर ग्रहण लग गया है मेरी आंखों पर से भी नींद का पर्दा हट गया है बिना एक भी...
आज की रात लगता है चांद पर ग्रहण लग गया है मेरी आंखों पर से भी नींद का पर्दा हट गया है बिना एक भी...
मुझे एक जादुई हाथ का स्पर्श चाहिए जो मुझे छुए और मेरे दर्द को हमेशा के लिए न सही पर कुछ पलों के लिए तो ...
हो सकता है मेरे मन जैसा कुछ घटित हो जाये यह भी हो सकता है कि समय का तेज प्रवाह मेरे खिलाफ चला जाये कभी...
कोई झरना कहीं मिल भी जाये जो हो जादुई जिसके पानी को पीने मात्र से या उसमें नहाने से हो जाता हो कोई युवा सदा...
खुद को प्रेरित करने की कोई वजह ढूंढो और उनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण वजह तो तुम स्वयं हो सकते हो।
एक कप चाय सच में देखा जाये तो है तो एक जादू की प्याली जो खुद में समेटे रहती है जाने कितनी ही अनगिनत मन...
काश! एक गहरा नीला समुन्दर हो और उसमें रहती मैं ही एकमात्र नीली मछली हों कोई तो दुनिया हो जो मेरी अपनी हो जहां मेरा...
या खुदा मेरी ख्वाहिशें पूरी न करना पर मुझे जिंदगी तो बख्शना मैं जिंदा रहूं और कुछ लिखती रहूं कुछ ऐसा बंदोबस्त तो करना।
मैं भी तो हूं एक बंजारन एक बंजर भूमि सी ही मैं क्यों न रह लूं बंजर भूमि की पृष्ठभूमि में ही कहीं जाकर जैसी...
मेरी पतंग आसमान को छूती जमीं पकड़े।
कोई समय ऐसा नहीं जब मेरे मन में सजी अदालत का दृश्य मेरी आंखों के सामने एक चलचित्र सा न चलता रहता हो यहां सारी...
शाम होने पर ढलता है जो सूरज और प्रकाश के संग उसके चले जाने से होता है जो अंधेरा तो सड़क किनारे लगी बत्तियां झिलमिला...