चांद न भी निकले पर
ऐसा क्यों सोचते हो कि आज की रात चांद निकलेगा नहीं चांद न भी निकले पर रात के बाद एक नई सुबह तो अवश्य ही...
ऐसा क्यों सोचते हो कि आज की रात चांद निकलेगा नहीं चांद न भी निकले पर रात के बाद एक नई सुबह तो अवश्य ही...
यह दुनिया दिखती भरपूर खिड़कियों से।
अपना हाथ दे दो मेरे हाथों में कि कुछ समय के लिए सही पर मेरी सांसों को जिंदगी की सौगात मिल जाये यह जाते हुए...
आसमान में छाये बादल हैं जमीन पर पड़ रही रिमझिम बारिश की बूंदों की फुहार भी बारिश की बौछारों से मुझे बचाने के लिए मेरे...
रंग लगाता रहा मैं अपने चेहरे पर उम्र भर कभी लाल, कभी पीला कभी नीला, कभी हरा मैं ऐसा करने से एक विदूषक बन गया...
अपना घर होते हुए भी एक घर तलाश करते रहना यह भी भला कोई बात हुई यह भी एक अजीब इत्तेफाक था कि मैं जिसके...
उम्मीद की डोर अपनी अंगुलियों में थामे रखना उम्मीद की पतंग अपने उम्मीद भरे एक आसमान में उड़ाते रहना उम्मीद भरी आंखों से उम्मीद भरी...
न मैं मैं रहा न तू तू रहा हम दोनों खो गये कहीं प्रकृति की इन हरी भरी वादियों में स्तब्ध हैं यह मन की...
सबको साथ लेकर चलना है लेकिन किसी के साथ भी नहीं चलना अपने रास्ते और अपनी मंजिल तो अकेले ही तय करनी पड़ती है इस...
मैं कभी इसलिए नहीं रोती कि मुझे किसी का कंधा अपना सिर उस पर रखकर रोने के लिए नहीं मिलता मैं कभी इसलिए हंसती भी...
जिंदगी में दर्द का एक दरिया शामिल हो चुका है। मुस्कुराते हुए इस बदलाव को स्वीकारना ही होगा।
हे नारी! तू दर्पण में अपनी छवि निहारकर खुद के हुनर की पहचान कर अपने अस्तित्व की सराहना कर स्वयं को सम्मानित कर। किसी अन्य...