• मेरी छतरी

    आसमान में छाये बादल हैं जमीन पर पड़ रही रिमझिम बारिश की बूंदों की फुहार भी बारिश की बौछारों से मुझे बचाने के लिए मेरे...

  • यह रंगों का खेल

    रंग लगाता रहा मैं अपने चेहरे पर उम्र भर कभी लाल, कभी पीला कभी नीला, कभी हरा मैं ऐसा करने से एक विदूषक बन गया...

  • अपना सा

    अपना घर होते हुए भी एक घर तलाश करते रहना यह भी भला कोई बात हुई यह भी एक अजीब इत्तेफाक था कि मैं जिसके...

  • उम्मीद की चिड़िया को

    उम्मीद की डोर अपनी अंगुलियों में थामे रखना उम्मीद की पतंग अपने उम्मीद भरे एक आसमान में उड़ाते रहना उम्मीद भरी आंखों से उम्मीद भरी...

  • एक मां समान

    न मैं मैं रहा न तू तू रहा हम दोनों खो गये कहीं प्रकृति की इन हरी भरी वादियों में स्तब्ध हैं यह मन की...

  • भीड़ का काफिला तो

    सबको साथ लेकर चलना है लेकिन  किसी के साथ भी नहीं चलना अपने रास्ते और अपनी मंजिल तो  अकेले ही तय करनी पड़ती है इस...

  • मैं कभी इसलिए

    मैं कभी इसलिए नहीं रोती कि मुझे किसी का कंधा अपना सिर उस पर रखकर रोने के लिए नहीं मिलता मैं कभी इसलिए हंसती भी...

  • स्वयं को सम्मानित कर

    हे नारी!  तू दर्पण में अपनी छवि निहारकर  खुद के हुनर की पहचान कर  अपने अस्तित्व की सराहना कर  स्वयं को सम्मानित कर।  किसी अन्य...

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