दर्द की इंतहा
दर्द की इंतहा तो देखोफिजा मेंहर तरफ बिखरे रंगधूमिल से लगते हैंलबों पे चाहकर भी मुस्कुराहट नहीं आ पा रहीआंखों में आंसू एक बर्फ की...
दर्द की इंतहा तो देखोफिजा मेंहर तरफ बिखरे रंगधूमिल से लगते हैंलबों पे चाहकर भी मुस्कुराहट नहीं आ पा रहीआंखों में आंसू एक बर्फ की...
फूल कहताबहुत कुछ, तुमसुनो तब ना।
एक पल होता हैखुशियों भराअगले ही पलखुशियों को मौत आ जाती हैजीवन का हर पल खुद मेंएक नया रंग समेटे होता हैक्यों न हम इन...
इतना दिल मत तोड़ोइतना जो दिल अपना तोड़ा तोकुछ नहीं बचेगामुंह से कोई स्वर भी फिर फूट नहीं पायेगाकुछ हाथ नहीं आयेगासब कुछ खामोश हो...
पैसों की झंकार होरूपयों की बरसात होक्या यही है तेरी चाहततेरी हसरततेरी इबादतइंसान की हो जो ऐसी फितरत तो फिर उसके जीवन का बेड़ा कैसे...
सिर के ऊपरएक खुला हुआ नीला आसमानपांव तले लहराती हरियालीसाथ में मिलकर काम करतेखेतों परहम मेहनतकश किसान तोमिट जाती थकानचेहरों पर खिलतीसुबह के सूरज की...
तुम अब जैसे मेरे साथ होऐसे ही आगे भी रहनाएक पल के लिए भी मुझसे कभीजुदा मत होनासांझ को सूरज ढल जाता हैअगली सुबह फिर...
प्रेम क्या हैमैं तुमसे पूछती हूंढाई आखर का यह शब्द लेकिनइसकी व्याख्या कितनी मुश्किलइस सवाल का जवाब मैं ही नहींढूंढ पाई आज तक तोतुम इस...
हर श्वासएक संघर्ष गाथाधुआं धुआं सी।
कभी कोई बीमार न होअस्पताल में भर्ती न होजिंदगी और मौत के बीच की लड़ाईउसे कभी न लड़नी पड़ेभगवान सबका भला करेंसब पर रहम करेंसबको...
तुम भी आज एक फूल सी खिली हुई दिख रही होइस गुलशन के सारे फूलतुम्हारी सुंदरता के मुकाबलेकुछ फीके लग रहे हैंतुम हो कि फिर...
कुछ पीछे छूटता हैइस संसार में तोबहुत कुछ मिलता भी है जोअपने कदम आगे बढ़ाओहौसले से भरेजीवन के रास्तों परमंजिल के निशान ढूंढतेफूलों की वादियों...