आंसुओं की नदी को रुमाल की किनारी से पोंछने के बजाये
आंसू भर जायें आंखों में एक सागर से तो उन्हें फिर आंखों से गिराया नहीं जाता और एक छोटे से रेशम के रुमाल को जो...
आंसू भर जायें आंखों में एक सागर से तो उन्हें फिर आंखों से गिराया नहीं जाता और एक छोटे से रेशम के रुमाल को जो...
प्रभु मैं तेरी शरण में हूं अब तो मुझे तेरा ही आसरा यूं तो बंधा है मेरा दिल अभी भी न जाने कितने मोह माया...
जो सड़क मैंने चुनी उसने मेरे सपनों की मंजिल मेरे लिए बुनी सड़क चमकीली थी तो कभी सुनहरी सड़क पथरीली थी तो कभी मटमैली सड़क...
बुरे समय के बाद अच्छा समय आता ही है जैसे कि पतझड़ के बाद बहार का आगमन, रात्रि के अंधकार के पश्चात दिन में सूरज...
आसमान से चांद सितारे तोड़कर लाना तो भी आसान था लेकिन आजकल की मेहबूबाओं के तो यह अरमान होते हैं कि उनका महबूब एक जंगल...
सिर से पांव तक प्रेम के भाव से लबरेज मैं सपने में भी प्रेम को ही देखूंगी उसे ही पाना चाहूंगी उससे अछूती कैसे रह...
पेड़ के नीचे खड़ी होकर मैं सोचूं बस पेड़ के बारे में इसके पत्तों की हरियाली के बारे में इसके तने की मजबूती के बारे...
वह हमेशा आवेश में तनाव में क्रोध में, रोष में जकड़ा ही रहता है बिना किसी ठोस कारण इसे मूर्खता की पराकाष्ठा नहीं कहेंगे तो...
गुलाब के उपवन में खड़ी मैं भी महकती हूं एक गुलाब सी उसका रंग मलकर अपने गालों पर मैं भी हो जाती हूं उसके रंग...
सूर्य लाल है चांद का रंग पीला मेरा सांवला।
एक माता पिता का प्यार ही तो ऐसा है जो उनके इस दुनिया में न रहने से उनके बच्चों के दिल से जुदा होकर...
सर्कस में जैसे एक जोकर दुनिया की इस सर्कस में मैं भी एक वैसी ही जोकर दिल दुखी है एक दर्पण सा टूटकर न जाने...