फ्रेम में जड़ी तस्वीर कहने को तो उसकी ही होगी पर
काश कोई जिंदा रहे किसी को एक लंबी उम्र मिले किसी का साथ एक लंबे समय तक बना रहे कोई मरकर जुदा होकर किसी को...
काश कोई जिंदा रहे किसी को एक लंबी उम्र मिले किसी का साथ एक लंबे समय तक बना रहे कोई मरकर जुदा होकर किसी को...
मुझे गुलाब के फूलों से खिला जो कोई चमन न मिला तो मैं किसी एक गुलाब के फूल से ही काम चला लूंगी एक गुलाब...
कोई दुल्हन लाल जोड़े में सजी लश्कारे मारती है सुनहरी गोटे की किनारी हो जो उसकी चुनर में लगी तो गजब ढाती है लाल सिंदूरी...
कल की रात अच्छी कटी मैं ठीक प्रकार से सो पाई सुबह उठकर रोजमर्रा के कार्य भी सही ढंग से आरंभ कर दिये सूरज भी...
सूरजमुखी तुम्हारा मुखड़ा सूर्य समान।
कहने को वह सड़क अकेली दिखाई पड़ रही थी क्योंकि कोई दूर-दूर तक उस सड़क पर चलता हुआ नहीं दिख रहा था चलो अच्छा है...
मेरा भाई कभी मीठा कभी नमकीन, कभी अच्छा कभी बुरा, कभी सच्चा कभी झूठा, कभी करीब कभी दूर, कभी जीताता कभी हराता, यह सब पर...
यह दुनिया एक झूठ है आडंबर है फरेब है बहुत ही मुश्किल है यहां खुद को साबित करना सच को सही ठहराना अपने जीवन की...
तस्वीरें कभी सच का आईना नहीं होती तस्वीरों में कोई मुस्कुराता दिखे तो समझना कि वह भीतर से रो रहा है तस्वीरों में प्यार झलकता...
सारे रास्ते बंद हैं, मैं कौन सा रास्ता निकालूं! गौर से देखा तो पाया जमीं के बंद थे पर आसमां के खुले तो क्यों न...
जीवन में बहुत कुछ घटित होता है वीभत्स विघटनकारी अप्रत्याशित नकारात्मक प्रभाव दिलो दिमाग पर डालता जो मन को लगता अप्रिय लेकिन फिर वापिस...
तन में मन मन में मंदिर ईश्वर का।