• खुद की तलाश है या

    न जाने जिंदगी कोकिस चीज की तलब उठ रही हैदेखा जाये तो सब कुछ तो हैइसके पासखुद की तलाश है याइस दुनिया के बाशिंदों के...

  • दरवाजे जो खुले तो

    दरख्तों के शामियाने थेमोहब्बत से लबरेजउनके नीचे बसे चंद अशआर सेकुछ सावन की रिमझिम फुहारों में भीगेकहीं से पक्के तोकहीं से कच्चे आशियाने थेउसमें जो...

  • मेरे प्यारे मॉर्निंग वॉकर

    मेरे प्यारे मॉर्निंग वॉकरतुम्हारा साथ जब से छूटा हैमेरी तो स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों में इजाफा हो गया हैतुम्हें मैंने सालों पहलेदरियागंज, दिल्ली से खरीदा थाकुछ...

  • बस वही मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक

    उम्र बढ़ती है तोआदमी घर की चहारदीवारी सेकम बाहर निकलता हैकभी तन साथ नहीं देताकभी मन तोकभी आंतरिक और बाह्यपरिस्थितियांऐसे बहुत से कारक हैंइसका परिणाम...

  • बस इतनी सामग्री काफी है एक कवि के लिए

    एक कवि के लिएउसकी डायरी और पेनकागज, कलम, दवातयही सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैंतत्पश्चात मोबाइल भीकागज नहीं होगाकलम नहीं होगी तोकोई कवि या लेखक अपने मन में...

  • बिना मां के

    पत्थर की चट्टान सेएक फूल उग रहा थादूर से देखने पर ऐसा लगा थापास जाकर देखा तोउसके बीच कहीं एक दरार थीजहां कहीं थी जो...

  • मुझे एक धड़कता हुआ दिल चाहिए

    मुझे एक दिल चाहिएएक धड़कता हुआ दिल लेकिनइस तकनीकी रूप से विकसित दुनिया में वह विलुप्त हो गयाकिसी डायनासोर की ही ज्यादातर प्रजातियों की तरहमुझे...

  • मैं तन्हा हूं

    वक्त की शाख सेटूटता हुआ एक लम्हा हूंपलकों की चिलमन पर बैठकर भीजो फिसल गया वह सपना हूंमैं तन्हा हूं। मुझे यह जिंदगी मिली परक्या...

  • एक कदम आगे

    कोई कुछ भी कर लेचाहे तो यह समय भीकोई भी यत्न कर ले लेकिनजिंदगी की दौड़ मेंमैं इन सबसे एक कदम आगे हूंहूं या नहींयह...

  • आज आज कहां

    आज आज कहांयह कल ही हैएक बीता हुआ पल ही हैएक सुंदर यादों को खुद में कहीं भीतर संजोये बैठा एक रमणीय स्थल हैआज में...

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