एक अकेली औरत कभी अबला नहीं होती
औरत फौलाद की बनी होती है जब टूटता है उस पर कोई दुखों का पहाड़ मन से होती है दुखी पड़ जाती है इस दुनिया...
औरत फौलाद की बनी होती है जब टूटता है उस पर कोई दुखों का पहाड़ मन से होती है दुखी पड़ जाती है इस दुनिया...
जीवन है तो संघर्ष तो इसमें निहित अवश्य ही होगा रास्ता सामने दिख रहा हो फिर भी मन उस पर चलने को न हो तैयार...
क्या मैं अपने घर के कमरे से उठकर सच में एक जंगल की तरफ जाऊं या किसी जंगल की एक कोरी कल्पना को अपने अंखियों...
यह आकाश एक परिंदे सा ही पंख फैलाये।
किसी के शब्दों में गर एक सुगंधित महक नहीं होती तो वह शख्स एक फूलों से लदी हुई महकती डाल नहीं बल्कि एक बासी फूलों...
ऐ बारिश की बूंद सुनाओ तुम अब मुझे कहानी उस आसमान की जहां से तुम आई हो अपना सब कुछ तो तुम पीछे छोड़कर आ...
जब वह बोलती है तो उसके मुंह से शब्द नहीं एक सुगंधित फूलों की बौछार होती है ऐसा लगता है कि जैसे उसने अपने भीतर...
नया दिन है नये संकल्प नया सूरज है नया चांद भी होगा आंखों में मेरी पर सपने वही पुराने हैं यादों के धरातल पर खड़े...
तू तू है और मैं मैं फिर लड़ाई किस बात की।
ओ मेरे मन मेरे दोस्त कैसे हो तुम जब कोई न पूछे तुम्हारा हाल तो चलो मैं ही रख लेती हूं फिर तुम्हारा ख्याल आज...
जो कुछ हो तो नहीं मिलता जो न हो तब तो मिलता ही नहीं सब कुछ समझ आता है पर कोई कुछ कर पाता नहीं...
पैसे की खनक सोने की दमक तुम्हें मुबारक हो मुझे तो चाहिए मेरे हाथों में पड़ी हुई कांच की चूड़ियों की खनक चेहरे पर मेरे...