आसमान की छतरी
आसमान की छतरी फैली और मैं सिमटी सी।
आसमान की छतरी फैली और मैं सिमटी सी।
कभी किसी को नापने तोलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए हो सकता है वह पूरा खाली हो तो इस आधार पर किसी का अपमान नहीं...
सुनो डाकिये जरा रुकना मैं दौड़कर बस आ रही हूं तुम्हारे पास क्या लाये हो क्यों पूछ रही हूं भला मैं यह सवाल तुमसे और...
तेरी यादों के सहारे ही तो जिंदा हूं नहीं तो देखा जाये इस जिंदगी में अब जीने के लिए कुछ बचा ही क्या है तेरे...
आसमान से बरसी हुई सारी बारिश सूख गई बस बारिश की वह आखिरी बूंद मेरे कमरे की खिड़की के शीशे से फिसलती हुई उसकी लकड़ी...
यह समुन्दर की लहर यह समुन्दर की हवा मुझे उड़ाकर कहीं न ले जायें दूर चली जाऊं मैं सागर के तट से कहीं कि मेरे...
मुझे याद है वह सफेद ढीली ढाली टी-शर्ट जो मैंने पाई थी इनाम के तौर पर राह चलते सड़क किनारे रुक कर एक गायन...
यादें हमेशा के लिए होती हैं काश ये यादें मीठी, सुहानी और लुभावनी हों कड़वी यादें जो मन में टीस उभारती हों दुख देती हों...
ऐ नीले फूल हरी पत्तियों के साथ तुम एक मोर से पंख फैलाये हवाओं संग नृत्य करते कितने सुंदर प्रतीत होते हो तुम्हारी सुंदरता से...
मैंने तुम्हें बुलाया पास अपने कुछ कहने के लिए मैं जो कहना चाहता था वह कह न पाया तुमने वह सुन लिया जो मैंने कहा...
एक खिलते फूल सा देखा था सपना रात्रि की बेला में बंद आंखों से उन पर पड़ी हुई मेरी पलकों की घनेरी चिलमन के तले...
टूटते होंगे सपने रात के आकाश से ही टूटते हुए किसी तारे की तरह इसका मतलब यह नहीं कि मैं या फिर मेरे जैसा ही...