सूरज की गेंद को
सांझ ढलने से पूर्वसूरज की गेंद कोअपने हाथों से पकड़ना हैथोड़ी देर इसके साथ खेलना हैअपने जश्न की खुशी में इसे भी शामिल करना हैयह...
सांझ ढलने से पूर्वसूरज की गेंद कोअपने हाथों से पकड़ना हैथोड़ी देर इसके साथ खेलना हैअपने जश्न की खुशी में इसे भी शामिल करना हैयह...
जीवन के रास्ते थेकठिन लेकिनसाथ मिला जो तुम्हारा तोपार कर ही लियेमंजिल के पहले पड़ाव को तोपा लियापहाड़ के शिखर पर तो पांव अपनाधर दियासूरज...
सांझ के सूरज के संगमैं ढल रही हूंसुबह के सूरज के साथमैं उग रही हूंरात के चांद के साथरात भर करती हूं बातेंसो जाती हूं...
ख्वाबों का मेला सज रहा आंखों में धड़कन सा।
हवा भीआज गुमसुम हैमेरी ही तरहरवानगी से बहतीकोई कहानी भी नहीं सुना रहीजिंदगी की कहानियांसमझते और सुनाते हुएउम्र भरशायद मेरी तरह यह भी थक चुकी...
न रास्तान मंजिलन कोई मोड़ हैराहों मेंऐसे में क्या ख्वाब बुनूंकमरे की बंद खिड़की सेकोई चांद भी नहीं दिख रहाआज रात के खुले आसमान में।
अपने कमरे की खिड़की से झांककर बाहर जो देख रही हो तुम किसी फूल की तरफ तोवह भी तुम्हारे चेहरे की तरफ देखकर कह रहा...
तड़के सुबह उठते हीकाम करते करते शाम हो जाती हैदिन भर के कड़े परिश्रम सेरात को गहरी नींद आती हैऐसा लगता है कि नींद पूरी...
दिल खाली हैएक टूटे दर्पण सावीरान हैएक रेगिस्तान के सन्नाटे साबिना सांसों का हैएक बंजर भूमि सान इसके उपवन मेंकोई फूल खिल रहा हैन ही...
दिल क्या है तेरी यादों का एक आईना कोई।
बिना दीवारों केकोई कमरा खड़ा नहीं हो सकताबिना सितारों केकोई आसमान रात में जवां नहीं दिख सकताबिना रिश्तों में संजीदगी केकोई घर एक फूलों के...
कई बारएक आखिरी विकल्पबचता हैकिसी के जीवन में किवह सिर्फ अपनी परछाइयों के साथ रहे औरअफसोस तब होता हैजब यह परछाइयां भी नहीं बनतीगर बनती...