• सूरज की गेंद को

    सांझ ढलने से पूर्वसूरज की गेंद कोअपने हाथों से पकड़ना हैथोड़ी देर इसके साथ खेलना हैअपने जश्न की खुशी में इसे भी शामिल करना हैयह...

  • यह सारी कायनात

    सांझ के सूरज के संगमैं ढल रही हूंसुबह के सूरज के साथमैं उग रही हूंरात के चांद के साथरात भर करती हूं बातेंसो जाती हूं...

  • हवा गुमसुम है मेरी ही तरह

    हवा भीआज गुमसुम हैमेरी ही तरहरवानगी से बहतीकोई कहानी भी नहीं सुना रहीजिंदगी की कहानियांसमझते और सुनाते हुएउम्र भरशायद मेरी तरह यह भी थक चुकी...

  • कोई चांद भी नहीं

    न रास्तान मंजिलन कोई मोड़ हैराहों मेंऐसे में क्या ख्वाब बुनूंकमरे की बंद खिड़की सेकोई चांद भी नहीं दिख रहाआज रात के खुले आसमान में।

  • कभी उफ तक नहीं करता

    तड़के सुबह उठते हीकाम करते करते शाम हो जाती हैदिन भर के कड़े परिश्रम सेरात को गहरी नींद आती हैऐसा लगता है कि नींद पूरी...

  • दिल एक मजार बन गया है

    दिल खाली हैएक टूटे दर्पण सावीरान हैएक रेगिस्तान के सन्नाटे साबिना सांसों का हैएक बंजर भूमि सान इसके उपवन मेंकोई फूल खिल रहा हैन ही...

  • एक मीरा बनना ही पड़ता है

    बिना दीवारों केकोई कमरा खड़ा नहीं हो सकताबिना सितारों केकोई आसमान रात में जवां नहीं दिख सकताबिना रिश्तों में संजीदगी केकोई घर एक फूलों के...

  • यह परछाइयां

    कई बारएक आखिरी विकल्पबचता हैकिसी के जीवन में किवह सिर्फ अपनी परछाइयों के साथ रहे औरअफसोस तब होता हैजब यह परछाइयां भी नहीं बनतीगर बनती...

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