वह कौन सी सुबह होगी जो
मां बाप कायह दुनिया छोड़कर जाने परऐसा प्रतीत हुआ किमेरे दोनों हाथ कट गयेमेरा हृदय मेरी देह से बाहर निकल आयामैं निष्प्राण हो गईबेजान हो...
मां बाप कायह दुनिया छोड़कर जाने परऐसा प्रतीत हुआ किमेरे दोनों हाथ कट गयेमेरा हृदय मेरी देह से बाहर निकल आयामैं निष्प्राण हो गईबेजान हो...
जो रंग थे प्यार केवह थोड़े थेपूरे नहीं औरजब कभी कहीं होती है अपूर्णतावह अपूर्णता ही होती हैवह कभी पूर्ण नहीं होतीथोड़ा सा भी संशय...
कांच की प्याली थीफर्श पर गिर पड़ीटूटी तो नहीं परउसमें हल्की सी एक दरार आ गईटूटी नहींफिर भीकिसी काम की न रहीइसमें चाय या कॉफी...
कोई शीशा चटक करचकनाचूर हो जायेउसे दोबारा उसकी यथास्थिति में लाना एक असंभव कार्य है लेकिनएक सपना जो मन मुताबिक पूरा न हो तोमानव मन...
पलों का फिसलना तोबदस्तूर जारी होता हैयह कभी कहां ठहरते हैंएक तितली किसी फूल परएक बार को तो भी बैठ जाती हैकुछ पल के लिए...
एक दूसरे का साथ ही काफी हैमुस्कुराने के लिएगमों को अपने आपस में बांटने के लिएकठिन रास्तों का सफर आसान कर मनचाही मंजिल पाने के...
शांति का बांध जो टूटा फिर कभी शांत न हुआ।
शांति जब भी भंग होती हैबहुत शोर करती हैएक आंधी के वेग सी तेज होती है और चारों तरफबहुत तबाही मचाती हैकिसी का चेहरा उदास...
यह तन मनुष्य काएक जंगल ही तो हैउसका मन एक मरुस्थलउसकी आत्मा एक खुला विस्तृत आकाशजीवन की यात्रा पर निकले हो तोएक साहसी योद्धा से...
सांझ की बेला हैधुंधली पड़ती रोशनीअंधकार का आगमन होने वाला है सूरज ढलने वाला हैचांद आसमान में एक फूल साखिलने वाला हैमेरी पलकों की चिलमन...
मैं खामोश हूंचुपचाप तन्हा किसी कोने मेंदुबककर बैठे रहनाअब मुझे अच्छा लगने लगा हैकानों में गूंजती रहती हैंमेरे अतीत की यादों कीप्रतिध्वनियांमंदिर में बजती घंटियों...
अंधकार गहराता जा रहा हैउस जलते हुए दीपक की रोशनीसमय के साथशनैः शनैः क्षीण हो रही हैउसका स्थान ले रहा हैरात्रि का चमकता हुआ चांददूर...