तुम्हारे श्याम तुम्हारी देहरी पर
ओ मनमोहिनीतुम तो आज नृत्य कर रही होएक राधा सामधुबन में होकर खड़ीकृष्ण कन्हैया की याद मेंसांझ का समय है परचारों तरफ फैले अंधेरों में...
ओ मनमोहिनीतुम तो आज नृत्य कर रही होएक राधा सामधुबन में होकर खड़ीकृष्ण कन्हैया की याद मेंसांझ का समय है परचारों तरफ फैले अंधेरों में...
मेरा नया घाघरा, चोली औरचुनर हैं ही इतने सुंदर,मनमोहक और रंगीन किमैं एक मोरनी सीअपनी खुशियों के पंख फैलाकरअवसर चाहे कोई हो या न होसावन...
गीत संगीतहै मुझसे और मैंकुदरत से।
मैंएक गीत गाता हूं जोमैंने लिखा दिल की कलम सेमैंएक साज बजाता हूं जोमिला हुबहू मेरी धड़कनों के सुरों सेमैंसंगीत की महफिल जब कभीसजाता हूं...
हरी भरी वादियांएकाएक मुरझा गयींपूछ रही राह चलते मुसाफिरों से कितस्वीर उतारते हुए अपनी कैमरे मेंवह उन वादियों को जिसमेंआये थे वे घूमने कोकैसे भूल...
यह तस्वीरइस पल कीएक सौगात बनेगीआने वाले कल कीतन्हाई मेंजब आयेगी याद किसी कीपुरानी तस्वीरों को देखकर ही फिरयादों की महफिल सजेगी अपनीतस्वीर में उनके...
चलो हम सबसाथ में मिलकरअपनी एक तस्वीर कैमरे में कैद करते हैंजब कभी हम साथ नहीं होंगे तबयाद रखना यह बात सभी कियह तस्वीर ही...
आसमान सेबादल उतर आयें हैंमेरे घर आंगन मेंमुझसे कह रहे हैं किआज उनकी तीव्र इच्छा हो रही है किवह आसमान से जमीन पर न बरसेअपितुआसमान...
इंतजार थादिल बेकरार थायह प्यार था।
मौसम हो चाहे जो भीसर्दी, गर्मी या बरसातप्यार मेरा किसी के प्रति भी कम न हो कभीबरसता रहे यह तमाम उम्र जैसे बरस रही है...
कभी दिल में आता है किबहुत कुछ कहती चली जाऊं तोकभी लगता हैअपने होठों को सिल लूं औरबेहतर होगा किखामोश हो जाऊंन जाने किस कारणकभी...
एक किताब ऐसी भीजिसके हर पन्ने पर लिखीएक ही कहानीकिताब का शीर्षक जोवही उसकी हर कहानी का शीर्षक भीकहानी का सार भी कुछ खास नहींसच...