दोनों की आत्मायें कहीं एक होती
कहने को तो वह सब अपने थे पर अपने कहां थे जमीं से आसमां दिखता है पास लेकिन क्या वह सच में पास है करीब...
कहने को तो वह सब अपने थे पर अपने कहां थे जमीं से आसमां दिखता है पास लेकिन क्या वह सच में पास है करीब...
आदत डाल लो खुद भी खुद के बिना रहने की खुदा को पाने की चाहत में खुदा के बिना भी तो रहा जाता ही है।
विवाह के समय तो बंधते हैं दो दिल और दो परिवार जन्म-जन्मांतर के बंधन में लेकिन क्या इन संबंधों को वह निभा पायेंगे आगे भी...
जहां धरती और आकाश मिलते हों चलो वहां चलते हैं उनका सुखद मिलन देखकर मैं भी खुश हो जाऊंगी पल भर के लिए लेकिन मैं...
सवालों के जवाब जो हर तरफ से मिलने बंद हो जायें तो सवाल पूछना ही बंद कर देना चाहिए किसी सवाल के जवाब जो कभी...
किसी से जिंदगी में कभी पहली बार तो हम मिलते ही हैं पहली मुलाकात में कोई हमें अच्छा लगता है तो उससे मुलाकातों का सिलसिला...
मैं सच पूछा जाये तो इस जीवन में हर किसी की ऋणी हूं इस संसार के कण कण की, अपनी हर सांस की ऋणी हूं...
यह समय कहीं ठहरा हुआ है एक पल की धड़कती सी सिलवट में कहीं सिमटा हुआ है एक चांद की तरह रात के आसमान में ...
न रात्रि का अंधकार गहरा है न ही आंखों में उतरता कोई सपना है लेकिन सपनों की भी भूली बिसरी यादें हैं एक दुनिया है...
बिना अर्थ की शब्दावली को अपने मन मुताबिक ढालना पड़ता है एक अर्थ के नये स्वरूप में मेरे सामने जो कोई भी है गर वह...
रात्रि का समय यकीनन दिन के समय की तुलना में शांत होता है कोलाहल से दूर एक विश्राम स्थल सा प्रतीत होता है दिन भर...
मोहब्बत एक फूल है तो खुशबू भी तितली है तो उसका रंग भी चिड़िया है तो उसका पंख भी सागर है तो उसकी लहर भी...