कभी बोलना बहुत आता था
कभी बोलना बहुत आता थाअब बोलना बिलकुल भी नहीं आ रहाइसके पीछे की कोई खास वजहकुछ समझ नहीं आ रहाऐसे न जाने कितने सवाल मन...
कभी बोलना बहुत आता थाअब बोलना बिलकुल भी नहीं आ रहाइसके पीछे की कोई खास वजहकुछ समझ नहीं आ रहाऐसे न जाने कितने सवाल मन...
एक पत्ताशाख से टूटा औरवो मेरा हुआ।
यह जो नदी बह रही हैयह एक दर्द की नदी हैइसके किनारे पर खड़ी मैंइसमें कोई तरंग उठती नहीं देखरही हूंन इसकी लहरों पर कोई...
कल का वह एक पलखुशनुमा था परकहीं ठहरा नहींवह पल जो कल थाकल में ही बदल गयाआज वह कल वाला पलमुझे कहीं मिल नहीं रहा...
जिंदगीएक बहती हुई समय की नदी ही तो है औरपलों की एक श्रृंखला से बंधी हुईपल पल करवट लेती हैपल पल अपना रंग बदलती हैइस...
अपने घर के कमरे कादरवाजा बंद कर दो औरअपने मन के कमरे के दरवाजे का भी दुनिया के अनचाहे शोर से खुद कोबचाने के लिएतन...
जन्म से लेकर मृत्यु तकयह जीवन औरमृत्यु के उपरांतएक अन्य जीवनयह सब घटनायें रहस्यवादी हैंऐसा क्या है जो रहस्य से भरा नहीं हैयह अलग बात...
कोई भी निमंत्रणप्रेम की भावना से जो हो परिपूर्ण तो बहुत ही अच्छा महसूस होता हैकिसी कारणवश जहां आमंत्रित हैंवहां जो पहुंच न सके तोखुद...
कहां हो तुममुझे कहीं दिखते क्यों नहींमुझसे तुम मिलते क्यों नहींमुझसे बातें करते क्यों नहींजैसे मैं तुम्हें करती हूं यादवैसे तुम मुझे याद करते क्यों...
लाइक और कमेंट की दुनियासोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं हैवास्तविक जीवन पर भी इसका दूरगामी प्रभावदिखाई पड़ता हैकिसी की पोस्ट को सोशल मीडिया परया...
कोई मकान कोई पलंग कोई कुर्सी कोई डिजाइन कोई प्रबंधन कुछ भी हो पुराना पारंपरिक कुछ बरसों पहले का निर्मित क्या सच में कोई बताये...
जमीन की सतह पर आज नहीं खड़ी हूं मैं एक ऊंची बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर हूं कमरे की खिड़की से बाहर का नजारा एक...