• एक नाग के फन सी

    दिखती हूंशांत लेकिनहूं नहींअशांति की जड़ें मन केधरातल के भीतर कहींगहरी एक नाग के फन सीतनी हुई बैठ गई हैंकोई यत्न तो आवश्यक रूप सेकरना...

  • एक ठहरे हुए चांद सा ही

    आज रहना है खामोशकिसी से कुछ नहीं कहना हैखुद से लेकिन बोलना यासंवाद करनाक्या कहीं रुकेगाशायद नहीं तोचुप रहने से क्या हुआ फायदामौन को कहीं...

  • खुद की यात्रा खुद तक

    खुद की यात्राखुद तकजब जीवन का सफरआगे काखुद को साथ लेकर ही पारकरना है तोइससे पहलेथोड़ा बहुत भी किसी को साथलेकर क्यों चलती रहीइस दुनिया...

  • एक सुबह ऐसी आयेगी कि

    परेशान हूं मैंसच मेंबस हूंकारण मत पूछनाबता नहीं पाऊंगीपरेशानियां एक नहीं, अनेक हैंखुद में कहीं गहरी उलझी पड़ी हूं सुलझाने की कोई कोशिश मत करना...

  • आज होली का त्यौहार है

    रंगों की बौछार हैमस्ती बेशुमार हैसारी हदें क्यों न पार करेंआज होली का त्यौहार हैआज हर घर, हर गली मनेगीबृज की होलीहर कृष्ण संग होगी...

  • एक सर्वगुण संपन्न कन्या हूं मैं

    सिर परमेरे ताज हैशिक्षा का,हुनर का,काबिलियत का,सद्गुणों का,संस्कारों काएक सर्वगुण संपन्न कन्या हूं मैंन कोई बोझ हूं अपने परिवार या समाज परसूर्य की एक किरण...

  • मां

    जन्म दिया है जो मुझेइस धरती पर आसमान से जो उतारकर लाई होयह अजब गजब दुनिया की सैर जो कराना चाहती हो तोमांमेरा हाथ जो...

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