हे मां
धरती मांतुम्हारी कोख से ही तोमैंने लिया है जन्मतुम्हारी माटी से हीमैं बनीतुम्हारी मिट्टी में ही मुझे मिल जानातुम्हारी सतह पर ही मुझे चलनातुम्हारी गोद...
धरती मांतुम्हारी कोख से ही तोमैंने लिया है जन्मतुम्हारी माटी से हीमैं बनीतुम्हारी मिट्टी में ही मुझे मिल जानातुम्हारी सतह पर ही मुझे चलनातुम्हारी गोद...
कलकल करती नदियांकिसे अच्छी नहीं लगतीइनकी लहरों से उत्पन्न होने वालेसंगीत का सौंदर्यप्राकृतिक है बशर्तेयह अपने हदें न तोड़ेकभी अपना विकराल रूप न दिखायेकभी अपना...
वो फूल बागीचे केहवाओं के संग झूमतेकुछ कहने को बेताबअपनी सुगंध, रंग, कोमलतायह सब कुछ जो कोई मांगे तोउसे देने को तैयार लेकिनकिसे है फुरसत...
जो बीज मैंने बोयाउसमें से अंकुर फूटे ही नहींजिस मिट्टी में बोया थावह रेतीली थीसूखी थीबंजर थीपथरीली थीउपजाऊ नहीं थीउस जमीन के टुकड़े के ऊपर...
पर्वत के इस पार खड़ीमैं सोच रही किकाश! पर्वत मुझे पुकार ले औरमैं देखूं उसे दूर खड़ी न होकरपास सेउसे छूकरबहुत ही ज्यादा करीब सेउसे...
मैंने सोचा था कितुम सूरज की तरह तेजस्वी होंगे औरचांद की तरह तन से शीतल वमन से उज्जवल लेकिनमैंने पाया तुम्हें क्रोध से धधकताएक शोले...
खाली घरखंडहर के समानवीरान होते हैंकोई उसमें रहने वाला होतभी यह आबाद होते हैंयह दुनिया कोई छोड़ दे तब भीलोगों के लबों पेफूलों के महकते...
क्रिसमस का त्योहार हैनये साल के आगमन की तैयारी भरपूर हैजोश है, उत्साह है, उल्लास हैरोमांच है, रोमांस हैतुम जी भर कर इश्क फरमाओमैं अपनी...
तुम पुकारते ही नहींमेरा नामसदियां बीतीभूल गये मेरी पहचानदिल के तुम्हारे करीब रहती हूंइसका मतलब यह तो नहीं किमुझे पूरी तौर पर नकार दिया जायेमैं...
सर्द मौसम में भीइन वादियों नेमुझे दी आवाज तोमैं इनसे मिलने दौड़ी चली आईकोई जो बुलाये तुम्हें आदर से तोउसके मोहब्बत भरे पैगाम को कभीठुकराना...
दिल की बातेंदिल में ही रह जाती हैंकोई ध्यानपूर्वकदिल लगाकरदिल के तार दिल से जोड़करदिल सेइत्मिनान सेसुनता नहीं तो फिरउन बातों कोकिसी बिना दिल की...
बंद कमराखुली खिड़की आसदेती बहुत।