• कृषक तुम महापुरुष हो

    कृषकतुम कोई सामान्य पुरुष नहींमहापुरुष होअपना कार्य एक कठोर तप की तरह करते होसिर पर तेज धूप हो यासर्दी की ठिठुरा देने वाली ठंड या...

  • अपने बचपन में पुनः लौटो

    तुम मासूम होतभी हर क्रियाकलाप को देखकर आश्चर्यचकित हो रहे होतुम्हारे जन्म लेने के पश्चातइस जीवन की हर घटनातुम्हारे लिए पहली हैधीरे धीरे उम्र बढ़ने...

  • मैं फूल ही बनी रहूंगी ताउम्र

    मैं फूल हीबनी रहूंगीताउम्रतुम लाख कोशिश कर लेनामुझे एक चुभते हुए,जख्मी करते हुए,दर्द देते हुएएक शूल मेंपरिवर्तित नहीं कर पाओगेमेरी परिस्थितियां कभी इतनीविषम, विपरीत व...

  • ऐ सुंदर सड़क

    ऐ सुंदर सड़कसुनो तो सहीपल भर को ठहरो तो सहीमेरी आवाज को अपने कानों में भरो तो सहीकहां भागती चली जा रही होमुझे पीछे छोड़करतन्हा...

  • अपनी बगिया के फूलों में से

    किसी परिवार के होने कामहत्व तभी हैजब इसका हर सदस्यखुश होहर किसी के चेहरे सेप्रसन्नता एक शहद की भांति टपके सबके लबों पर मुस्कुराहटएक झील...

  • एक यादगार दिन

    25.04.2025 शुक्रवारमुझे कल दिल्ली जाना हैए एल एस लिटफेस्ट 2025 जो हैसमय सुबह 9:30 से दोपहर 2:00 तकवेन्यू: डेलनेट, वसंत कुंज, नेल्सन मंडेला मार्ग, नई...

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