• शाम के धुंधलके में

    शाम के धुंधलके में मुझे जिंदगी की राहें दिखनी बंद हो जाती हैं मैं सुबह से अकेली काम करती करती खुद से जूझती जूझती जिंदगी...

  • पर्यावरण

    मैंने ताजी हवा में सांस लेने के लिए दरवाज़ा खोला, यह पता लगाने के लिए कि हवा अब ताजा नहीं है। धुएँ से भरकर मैं...

  • छाले।

    बहुत छाले हैं उसके पांव में, जरूर उसूलों पर चला होगा।

  • पर्यावरण दिवस

    मैंने ताजी हवा में सांस लेने के लिए दरवाज़ा खोला, यह पता लगाने के लिए कि हवा अब ताजा नहीं है। धुएँ से भरकर मैं...

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