वादा
वादा होता है निभाने के लिए उम्र भर किसी का साथ न छोड़ने के लिए यह नहीं होता किसी के शीशे का प्यार भरा दिल...
वादा होता है निभाने के लिए उम्र भर किसी का साथ न छोड़ने के लिए यह नहीं होता किसी के शीशे का प्यार भरा दिल...
वह अब जिस्म की एक परछाई नहीं बल्कि रूह का एक साया है सब कुछ पीछे छोड़ वह ढूंढ रहा जैसे रोशनी के हमसाये ठीक...
कैसे कहूं कि मैं क्या हूं मैं आसमान में उड़ती एक रंग बिरंगी तितली हूं तो एक लपकती चिंगारी सी गरजती बिजली भी आसमान पीछे...
कोई खुद में कहीं छिप रहा है कोई खुद से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है कोई प्रेमालाप करने में मगन है तो कोई...
आसमान में थे बादल और अब धुआं भी जमीन से उड़कर हसरतें आसमान तलक और फिर उसके पार न जाने जाती हैं कहां कहां।
मैं सूरज हूं और एक चांद भी तुम्हें मुझसे क्या चाहिए सूरज की आग या चांद की शीतलता का ताप।
यूं तो निकलता हर रोज सुबह एक नया सवेरा लेकिन मैं हर सुबह पूछती अपने दिल से कि क्या मेरे जीवन के अंधकार को पीछे...
मेरे चेहरे की झुर्रियों पर एक नक्शा खुदा है मेरे दिल का जो मेरे दर्द की दास्तानें बयान करता है और मेरी मुस्कुराहट दर्शाती है...
ऐ आसमान तू बरसा दे मेघ को मेरे खेत में मेरी सूखी फसलें लहलहा उठें सूरज से दमकते सोने के भेष में।
मेरी पुरानी अलमारी में रखे पुराने लकड़ी के बक्से में मेरा पुराना सामान, मेरे पुराने दस्तावेज, मेरे पुराने प्रेम पत्र अपने पुराने घिसे पिटे टाइपराइटर...
महसूस करो एक दूसरे का सुख भी दुख भी सांझा करो एक दूसरे संग अपने आंसू तो हंसी खुशी भी।
उम्मीद को हरदम जिन्दा रखो दर्द को एक पल को भुला दो दिल को हमेशा जवान रखो धक धक करता धड़कता रखो आंखों में चमक...