• प्रेम गीत

    मेरे जीवन में प्रेम का अभाव है फिर भी प्रेम भरा है दिल में तो जब भी गुनगुनाती हूं तो कोई प्रेम गीत ही सुनाती...

  • गुजारिश

    गुजारिश तो मैंने हद से ज्यादा करी कि मुझे छोड़कर मत जाओ मुझ पर तरस खाओ ऐसे तो मत तड़पाओ थोड़ा और रुक जाओ पर...

  • लम्हें प्यार के

    लम्हें प्यार के बहुत सारे थे और अभी भी काफी हैं उन्हें सागर के तट पर पड़ी सीपों की तरह ही अपनी झोली में भर...

  • मैं राही एक

    मेरे सामने उभरते हैं पथ तो कई पर उनपर चलता मैं राही एक राह तो कोई इनमें से एक ही चुनूंगा एक ही समय एक...

  • इंतजार

    इंतजार है मुझे अपने बिछड़े हुओं से दोबारा मिलने का जो कि देखा जाये तो असंभव है क्योंकि वह किसी मेले की भीड़ में नहीं...

  • पतझड़ से दोस्ती

    मैं मौसम की बात नहीं कर रही मैं खुद की कहानी बता रही हूं मेरे दिल के दरख्त की एक आखिरी टहनी सूख रही है...

  • विश्वास की ताकत

    मेरे हाथ में चार अंगुलियां और एक अंगूठा है यह पांचों मेरे विश्वास के प्रतीक हैं प्रथम अंगुली मैं स्वयं हूं मुझे सबसे अधिक खुद...

  • नदी

    नदी तुम कितनी अच्छी हो कितनी सच्ची हो एक दर्पण की तरह तुम्हारा दिल साफ है तुम्हारा जल साफ सुथरा और स्वच्छ है तुम शांत...

  • दर्पण

    दर्पण में देख मैं खुद को संवारती हूं भूल जाती हूं हमेशा कि दर्पण भी चाहता है कि कोई उसे भी संवारे मेरे चेहरे की...

  • समय

    मेरे पास समय नहीं है तो क्या सिर्फ और सिर्फ अपने मां बाप अपने भाई बहिन अपने परिवार के लिए ही समय नहीं है अपनी...

  • घर

    चारदीवारी को घर नहीं कहते जहां हो हर समय किसी का अपमान और खिड़की, दरवाजे खुले होने पर भी सांस न आये उसे घर नहीं...

  • लंबी समुद्री यात्रा

    किसी लंबी समुद्री यात्रा या जलयात्रा के बारे में सोचकर भी मैं तो सिहर उठती हूं मुझे पानी से बहुत डर लगता है यह दूर...

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