जो तुम नहीं मुस्कुराई तो
अपने कमरे की खिड़की से झांककर बाहर जो देख रही हो तुम किसी फूल की तरफ तोवह भी तुम्हारे चेहरे की तरफ देखकर कह रहा...
अपने कमरे की खिड़की से झांककर बाहर जो देख रही हो तुम किसी फूल की तरफ तोवह भी तुम्हारे चेहरे की तरफ देखकर कह रहा...
तड़के सुबह उठते हीकाम करते करते शाम हो जाती हैदिन भर के कड़े परिश्रम सेरात को गहरी नींद आती हैऐसा लगता है कि नींद पूरी...
दिल खाली हैएक टूटे दर्पण सावीरान हैएक रेगिस्तान के सन्नाटे साबिना सांसों का हैएक बंजर भूमि सान इसके उपवन मेंकोई फूल खिल रहा हैन ही...
दिल क्या है तेरी यादों का एक आईना कोई।
बिना दीवारों केकोई कमरा खड़ा नहीं हो सकताबिना सितारों केकोई आसमान रात में जवां नहीं दिख सकताबिना रिश्तों में संजीदगी केकोई घर एक फूलों के...
कई बारएक आखिरी विकल्पबचता हैकिसी के जीवन में किवह सिर्फ अपनी परछाइयों के साथ रहे औरअफसोस तब होता हैजब यह परछाइयां भी नहीं बनतीगर बनती...
दिन भर धूप मेंतपने के बादशाम से थोड़ी सी राहत मिलनीशुरू होती हैजैसे जैसे रात गहराती हैवातावरण में ठंडक बढ़ती हैदिनभर की गर्मी के कारणथकान...
मां के जेवर का डिब्बाउनके न रहने परमेरा है लेकिनमां का था तोउनका ही रहेगाउनके न रहने पर भीमेरी हिम्मत नहीं पड़तीउसे तलाशने कीउसे छूने...
भ्रमण की लालसाउन्हीं को अधिक होती हैजिन्हें अपना घरअपना मोहल्लाअपना शहर प्यारा नहीं होताजिन्हें एक बंद कमरे मेंसारी दुनिया मिल जाती हैफिर उन्हें दुनिया में...
अतीत कीमिसरी सी मीठीयादें ही तो होती हैं जोकिसी का वर्तमान गरवह एक नीम के पत्तों सा कड़वा हैसर्प के दंश सा विषैला हैभीड़ में...
हर किसी कोआज की भागदौड़ की जिंदगी मेंशांति की तलाश है लेकिनयह शांति मिलती कहां हैकिसी के घर जाकर किसी से मिलकरकहीं घूमकरकुछ खरीद करकुछ...
यह तो प्रकृति का नियम हैइससे कोई बच नहीं सकताग्रहण तो हर किसी के जीवन मेंलगते रहते हैंतुम आशावादी हो यानिराशावादीइससे समय की धारा कोकोई...