दिल की आवाज़
मैं तो अक्सर अपने दिल की आवाज़ सुनती हूं और पहुंच जाती हूं उसके घर की चौखट तक उसका दरवाजा खटखटाने यह जानकर आश्चर्य होता...
मैं तो अक्सर अपने दिल की आवाज़ सुनती हूं और पहुंच जाती हूं उसके घर की चौखट तक उसका दरवाजा खटखटाने यह जानकर आश्चर्य होता...
रेगिस्तान के बारे में कोई कहानी लिखनी हो तो भला कोई कैसे लिखे जिस तरफ भी नजर दौड़ाओ बस रेत ही रेत भर तो दिखती...
जीवन के बारे में और खुद के विषय में कुछ न सोचो तो बेहतर है जीवन को और जीवन के साथ जुड़ी खुद की काया...
इस दुनिया को पीछे छोड़ मैं कहीं दूर निकल आया हूं कितने जंगल पार किये कितने कटीले झाड़ों में उलझा कितने वार सहे कितने नुकीले...
यह कैसी वादी है जहां एक नीला आसमान है और उसमें दिख रहे सफेद बादल भी पहाड़ हैं बर्फ की एक चादर से ढके दिखते...
मैं पतझड़ हूं मैं जा रहा हूं तू बहार है तू आ रही है मैं रंगहीन हूं श्वेत श्याम एक धुंधली तस्वीर सा दिखता हूं...
हम दो हमारे दो हम दो फूल हमारी दो कलियां यही हमारी एक छोटी सी दुनिया प्रेम की गली में प्रीत का उपवन प्यार के...
हम दोनों के बीच दूरी है बहुत इसे पाटना है मुश्किल मेरे मन में आज एक तमन्ना जगी कि तेरे रंग में रंग जाऊं और...
आग तो बहुत है मन के भीतर लेकिन खुद ही पानी का छिड़काव करके उसे शांत करती रहती हूं मैंने इस आग के दरिया को...
धोखा तो किसी के हत्थे चढ़ जाओ तो हर कोई देता है इंसान क्या मौसम भी धोखा देता है मैदानी इलाकों में पहाड़ी इलाकों से...
नई आशा के झूले में झूल रही अतीत की पुरानी यादों के साथ सब कुछ इस संसार में बदल जायेगा लेकिन एक शायद मैं ही...
कोई भी पल कोई भी शाम यादगार बन जाती है जब वह अपने परिवार के साथ अपने दोस्तों के साथ अपने शुभचिंतकों के साथ हंसी...