अपना देश
अपना देश अपने देश की मिट्टी अपने देश की हरियाली अपने देश के वासी अपने देश की निराली छटा बनावट, सजावट अपना देश कण कण...
अपना देश अपने देश की मिट्टी अपने देश की हरियाली अपने देश के वासी अपने देश की निराली छटा बनावट, सजावट अपना देश कण कण...
खुशी का एक पल जो कभी मिले तो उसे हाथ से कभी जाने मत देना मत फिसलने देना अपनी हथेलियों से किसी रेत की तरह...
मेरे अतीत का सामान ही मेरा वर्तमान है मेरा भविष्य है मेरी जिंदगी है मैं इसे कभी भुला नहीं पाऊंगी कभी खुद से जुदा नहीं...
किसने कहा कि मैं पापी हूं जब मैं पापी नहीं तो तेज आवाज में जोर जोर से चिल्लाकर या फिर खामोशी से खुद को ही...
मैं नभ का एक चमकता सितारा था और मरते दम तक रहूंगा दुनिया वालों तुम लाख कोशिश कर लेना मुझे मेरे स्थान से हटाने की,...
मुझे जो प्रेम पत्र प्राप्त हुए वह कोई डाकिया मेरे घर तक मेरे द्वार मेरे हाथों तक पहुंचाने नहीं आया न ही मुझे मिले यह...
शाम का आसमान आज मुझे धुंधला दिख रहा था बारिश रुक रुक कर सुबह से हो रही थी आसमान गीला और सफेद,काले, स्लेटी, चितकबरे, मटमैले...
फूल हो या कोई पत्ता मनुष्य हो या कोई जीव यह इस प्रकृति का नियम है कि जो कोई जा रहा होता है कोई फिर...
जिसके दिल में प्यार होगा वही एक फूलों का गुलदस्ता प्यार से परिपूर्ण प्यार का एक प्रतीक चिन्ह प्यार से किसी को दे पायेगा...
मन के पोखर में जो एक पानी का भराव है वह किसी के कंकड़ मारने से या तार हिलाने से स्थिर से गतिमान हो जाता...
सुबह उठी तो गुलाब की गुलाबी काया पर छोटे छोटे सफेद मोतियों के कणों सी अंकित ओस की बूंदों को अपने गुलाबी होठों के पत्तों...
दर्पण में खुद की छवि निहारकर मैं खुद को ही पहचानने की कोशिश कर रही हूं दर्पण को मैं अच्छे से पहचानती हूं पर इससे...