• बारिश कब थमेगी

    ऐ आसमान सेलगातार गिर रही बारिश कीबेहिसाब बूंदोंतुम बरसना कब बंद करोगीमुझे अपनी मंजिल तकपहुंचने के लिएकदम उठाने दोगी याएक रास्ते के मोड़ के किनारे...

  • यह ख्वाहिशों का मिजाज भी

    बारिश मेंआज भीगने का नहीं बल्किखुद को सुखाने का दिलचाह रहा हैयह ख्वाहिशों का मिजाज भीबदलता रहता हैमौसम के बेहिसाब रंगों की तरह ही कभी...

  • सूरज की गेंद को

    सांझ ढलने से पूर्वसूरज की गेंद कोअपने हाथों से पकड़ना हैथोड़ी देर इसके साथ खेलना हैअपने जश्न की खुशी में इसे भी शामिल करना हैयह...

  • यह सारी कायनात

    सांझ के सूरज के संगमैं ढल रही हूंसुबह के सूरज के साथमैं उग रही हूंरात के चांद के साथरात भर करती हूं बातेंसो जाती हूं...

  • हवा गुमसुम है मेरी ही तरह

    हवा भीआज गुमसुम हैमेरी ही तरहरवानगी से बहतीकोई कहानी भी नहीं सुना रहीजिंदगी की कहानियांसमझते और सुनाते हुएउम्र भरशायद मेरी तरह यह भी थक चुकी...

  • कोई चांद भी नहीं

    न रास्तान मंजिलन कोई मोड़ हैराहों मेंऐसे में क्या ख्वाब बुनूंकमरे की बंद खिड़की सेकोई चांद भी नहीं दिख रहाआज रात के खुले आसमान में।

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