• हिम्मत का सिपाही

    दर्द का गुबार उठता रहा एक तरफ हिम्मत का सिपाही सिर पर कफन बांधकर अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा के...

  • नीला आसमान जब

    नीला आसमान सफेद बर्फ की चादर में लिपटा हुआ जब एक अदद शायरा की शायरी सुनने के लिए जमीन पर उतरता है तो आसमान से...

  • यादें

    यादें मेरे दिल में पलती मेरी रग रग में लहू बनकर चलती मेरी आत्मा के अक्स में बसती मेरे अपनों की यादें यह यादें न...

  • कैसे

    इश्क का बुखार उस पर दिल में उठता नफरत का गुबार कैसे गिरायें हम दोनों के बीच उठती यह दीवार कैसे भरें दरारें, कैसे मिटायें...

  • हम दोनों एक सी

    तुम कौन हो? मैं तुम हूं और तुम कौन? मैं भी फिर तुम ही हूं। एक दूसरे की आंखों के दर्पण में झांककर तो देखो,...

  • शाम के धुंधलके में

    शाम के धुंधलके में मुझे जिंदगी की राहें दिखनी बंद हो जाती हैं मैं सुबह से अकेली काम करती करती खुद से जूझती जूझती जिंदगी...

  • पर्यावरण

    मैंने ताजी हवा में सांस लेने के लिए दरवाज़ा खोला, यह पता लगाने के लिए कि हवा अब ताजा नहीं है। धुएँ से भरकर मैं...

  • छाले।

    बहुत छाले हैं उसके पांव में, जरूर उसूलों पर चला होगा।

  • पर्यावरण दिवस

    मैंने ताजी हवा में सांस लेने के लिए दरवाज़ा खोला, यह पता लगाने के लिए कि हवा अब ताजा नहीं है। धुएँ से भरकर मैं...

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