रिश्ता
रिश्ता कोई हो और उसे दिल से निभाया न जाये तो फिर वह रिश्ता कैसा रिश्ता तो एक फूल की तरह तब खिलता है महकता...
रिश्ता कोई हो और उसे दिल से निभाया न जाये तो फिर वह रिश्ता कैसा रिश्ता तो एक फूल की तरह तब खिलता है महकता...
बेजान वस्तुएं भी जीवन के एक नाजुक मोड़ पर जिंदा लोगों का सहारा बन सकती है और अपनों का किनारा छूट जाता है यह कभी...
समुंदर की मझधार पानी की लहरों की धार दूर दूर तक कोई किनारा नहीं आंखों में तैर रहा बस किश्ती का पानी की तरंगों पर...
मेरा परिवार मेरे दिल की धड़कन है मेरे जीवन का सार मेरे जीने का सुरूर किसी को हो न हो मुझे अपने परिवार पर है...
किताबें भी आईना होती हैं हमारे अतीत का, वर्तमान और भविष्य का भी यह एक अहम हिस्सा होती हैं हमारे परिवार का, हमारी परवरिश करने...
एक मां अपने बच्चे की खुशी के लिए उसे एक खिलौना, एक खिलौनों की पूरी दुकान ही नहीं बल्कि यह संपूर्ण संसार एवं सृष्टि उसकी...
वादा होता है निभाने के लिए उम्र भर किसी का साथ न छोड़ने के लिए यह नहीं होता किसी के शीशे का प्यार भरा दिल...
वह अब जिस्म की एक परछाई नहीं बल्कि रूह का एक साया है सब कुछ पीछे छोड़ वह ढूंढ रहा जैसे रोशनी के हमसाये ठीक...
कैसे कहूं कि मैं क्या हूं मैं आसमान में उड़ती एक रंग बिरंगी तितली हूं तो एक लपकती चिंगारी सी गरजती बिजली भी आसमान पीछे...
कोई खुद में कहीं छिप रहा है कोई खुद से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है कोई प्रेमालाप करने में मगन है तो कोई...
आसमान में थे बादल और अब धुआं भी जमीन से उड़कर हसरतें आसमान तलक और फिर उसके पार न जाने जाती हैं कहां कहां।
मैं सूरज हूं और एक चांद भी तुम्हें मुझसे क्या चाहिए सूरज की आग या चांद की शीतलता का ताप।