एक सोने सी दमकती
तुम्हारी काया एक सोने सी दमकती सुनहरी है पीतांबर धारण कर पहन लेती हो जो स्वर्ण आभूषण तो सूरज की आभा भी तुम्हारे सौन्दर्य के...
तुम्हारी काया एक सोने सी दमकती सुनहरी है पीतांबर धारण कर पहन लेती हो जो स्वर्ण आभूषण तो सूरज की आभा भी तुम्हारे सौन्दर्य के...
प्रचंड गर्मी है ऐसे में हरियाली ही याद आती है ठंडी ठंडी हवा चले पेड़ों के हरे हरे पत्ते हिलें हरे हरे तोते भी लाल...
ऐ मेरे प्यारे लाल गुलाब के फूल तुम सूरज की गर्मी के ताप से कितना तप गये हो एक लाल दहकते अंगारे से ही जल...
नीलवर्ण से नीले ओ श्याम मेरे चमकीले कैसे सजे धजे हो अधरों पे बांसुरी धरे हो मोर मुकुट शीश पर विराजे नील कंवल पे हंसिनी...
यह तो तुम्हारे खेलने की उम्र है हंसने की उम्र है मुस्कुराकर खिलखिलाने की उम्र है ऐसे में आज तुम उदास क्यों हो मायूस क्यों...
देखो तो कितनी सुंदर है यह प्रकृति उसके दिलकश नजारे उसकी सुगंधित फिजायें, आसमान की विशालता और दरिया के किनारे हम तीनों भी तो कहने...
फूल जब खिल रहे हैं हमारे घर के उपवन में तो हमारे दिल की बगिया में फिर प्रेम के फूल क्यों न खिलें लब वही,...
सोचती तो यही थी कि भगवान मुझ पर तो रहेगा हमेशा मेहरबान और नहीं छूटेगा मेरे हाथों से कभी मेरे अपनों का हाथ लेकिन वक्त...
इधर देखो और समझो यह लैपटॉप एक मनोरंजन का साधन मात्र नहीं अपितु ज्ञान का भी एक अपार भंडार है एक चलती फिरती लाइब्रेरी है...
जब जब मैंने अपना हाथ बढ़ाकर गुलाब को तोड़ने की कोशिश करी वह गुलाब तो हाथ कभी नहीं लगा हां उसका कांटा हमेशा मुझे चुभा...
युद्ध भी आवश्यक है किसी भी स्तर का पर कभी कभार बीच बीच में अपनी बात को सबके समक्ष रखने के लिए अपने मन की...
मैं एक मछली हूं जल के भीतर ही रहती हूं यह जल ही मेरा घर है एक बहुत विस्तृत इसका क्षेत्रफल है जब जल में...