ऐ लाल गुलाब तुम्हें नहीं पता कि
मैं सुबह सुबह घूमने जो निकली तो घने जंगल में एक पेड़ के नीचे झाड़ियों में ही दुबके पड़े ऐ लाल गुलाब के फूल तुम...
मैं सुबह सुबह घूमने जो निकली तो घने जंगल में एक पेड़ के नीचे झाड़ियों में ही दुबके पड़े ऐ लाल गुलाब के फूल तुम...
कल रात कई दिनों के बाद मैं एक अच्छी नींद सो पाई आज सुबह सबसे पहले उठकर मुझे भोर के सूरज की पहली किरण जो...
मेरे मन के आकाश से उदासी के बादल छंटने ही वाले हैं मेरे लबों पर मुस्कुराहट बिखरने ही वाली है तुम जो आने वाले हो...
आसमान में मेघा छाये छम छम छम फिर बरस जाये धरती की प्यास और दिल में लगी आग को यह बुझाये सबको भीगोकर समा जाये...
तुम ही तत्व हो तुम ही सार हो अपने जीवन का स्वयं तुम आधार हो जब हर तरफ छा जाये तमस तुम रोशिनी की किरण...
वादा करो कि तुम मेरा साथ कभी नहीं छोड़ोगे मेरे जीवन की आखिरी सांस तक मेरे साथ रहोगे इस जन्म की तरह हर जन्म में...
मैं जिन्दगी के रेगिस्तान में भटकती भटकती इतनी परेशान हो चुकी हूं कि मेरे चेहरे पर अब सिर्फ उदासी दिखती है न लबों पर मुस्कुराहट...
मेरे लबों पे बिखरी मुस्कुराहट को मेरी खुशी का प्रतीक समझने की भूल मत करना मैं जितनी अधिक खुश दिखूं तो बस यह समझ लेना...
यह दुनिया एक अजनबी जगह मेरे लिए तो यहां की हर चीज मुझे अजीब लगती है और विस्मित करती है मुझे यह एक अजनबियों की...
आज मुझे आने वाले कल का है इंतजार उससे पहले दोपहर का फिर सांझ का फिर रात का फिर चांद का फिर सितारों का...
कोई भी गांव एक शहर नहीं है और किसी गांव की सड़क एक शहर की सड़क भी नहीं है गांव की सड़क पर शहर की...
नारंगी रंग का शाम का ढलता सूरज कितना सुंदर प्रतीत होता है एक दुल्हन की तरह ही विदा लेता है अपने बाबुल के घर से...