सुख तो कभी दुख
छत पर जाना था सीढ़ी चढ़ रहे थे खुश थे अचानक फिसल गये गिर पड़े चोट लगी बिस्तर पर पड़ गये रो रहे और दुखी...
छत पर जाना था सीढ़ी चढ़ रहे थे खुश थे अचानक फिसल गये गिर पड़े चोट लगी बिस्तर पर पड़ गये रो रहे और दुखी...
कोई दे तो दे मुझे चांद सी शीतलता फूल सी कोमलता जल सी पारदर्शिता भूमि सी स्थिरता और बुद्ध सी शांतचित्त की धीरता और गंभीरता...
कलियों से नाजुक तेरे हाथ फूलों के उपवन की सुगन्ध और शीतलता सा तेरा साथ तू नहीं तो यह जग एक कांटों का जंगल तू...
यह इतनी सुंदर जगह कौन सी है जहां तुम मुझे ले आये हो यहां आसमान है आसमानी रंग का सफेद बादलों से पटा हुआ एक...
ओस की बूंदें आसमान से गिरती फूलों पर पड़ती उनका जैसे हो आलिंगन करती चांदनी रात में देखो तो कैसी मोतियों सी चमकती झिलमिलाती यह...
कसम जब उठाई है इस युद्ध को जीतने की तो आखिरी सांस तक तो लड़ना होगा इस युद्ध के दौरान न जाने कितने अपनों को...
यह प्यार का जादू ही तो है जो किसी को जीने के लिए मजबूर करता है इस संसार में प्यार न हो तो फिर है...
यह दुनिया क्या है कई बार तो लगता है कि एक बहुत बड़ा मंच जिसके ऊपर असंख्य नाटक एक साथ इस दुनिया के सारे लोग...
घर हो या सड़क हो भीड़ तो सब जगह है लेकिन हर व्यक्ति इस भीड़ के बीच भी अकेला है उसकी जीवन यात्रा में कई...
सहानुभूति का भाव तो हर किसी के प्रति रखना चाहिए प्रत्येक मनुष्य को इस धरती पर एक प्राकृतिक तरीके से प्रेम पूर्वक, मिलजुलकर और एक...
मेरा तो वर्तमान भी अतीत के साये में जीता है अपने अतीत को मैं कैसे भुला दूं एक बस वही तो है अब मेरे जीवन...
जिस राह पर मैं चल रही तो यह कैसे है सम्भव कि उस पर बिछे हों सिर्फ फूल ही फूल न हो साथ उनके कोई...